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Chamba News: दिल्ली में गूंजा चंबा की जल वीरांगनाओं का काम

Fri, 24 Apr 2026 10:45 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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अमरूत मित्रा पहल से जुड़ीं महिलाओं ने जल सेवाओं में सुधार के साथ बनाई राष्ट्रीय पहचान
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घर-घर बिलिंग, सैंपल टेस्टिंग से बदली तस्वीर, आय बढ़ी और पहचान भी मिली
मीटर रीडिंग से दिल्ली तक का सफर, चंबा मॉडल बना देश के लिए प्रेरणा

रिंपी ठाकुर
चंबा। नगर परिषद की स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाओं के काम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। अमरूत मित्रा पहल के तहत उनके उत्कृष्ट कार्य का वीडियो भारत मंडपम नई दिल्ली में प्रदर्शित किया गया।
इसे खूब सराहा गया और सम्मान भी मिला। अहमदाबाद से आई अमरूत मित्रा टीम ने चंबा में जमीनी स्तर पर महिलाओं का कार्य देखा। घर-घर जाकर बिलिंग, पानी के सैंपल लेने और टेस्टिंग जैसे कार्यों से प्रभावित होकर चंबा को श्रेष्ठ मॉडल के रूप में चुना गया। इसके बाद टीम ने महिलाओं के कार्य की वीडियोग्राफी की। चंबा शहर में दो प्रमुख समूह इस पहल को आगे बढ़ा रहे हैं। गणेशा समूह 3 महिलाएं पानी के सैंपल लेने के साथ गुणवत्ता परीक्षण, दूसरे होली फेथ समूह की 5 महिलाएं घर-घर जाकर पानी के बिल बनाने के साथ वितरण कर रही हैं।
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चंबा नगर परिषद 3.56 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली है। इसमें 11 वार्ड हैं। नगर परिषद नागरिक सेवाएं देती है जबकि जल शक्ति विभाग जल आपूर्ति का कार्य संभालता है। सीमित आय के साधनों में बंधी महिलाएं अमरूत मित्रा पहल से जुड़कर हर महीने लगभग 6000 तक कमा रही हैं। पहले उनकी औसत आय करीब 1500 थी। यह अब 7500 तक पहुंच गई है।

कैसे करती हैं काम
घर-घर जाकर मीटर रीडिंग, बिल तैयार करना और वितरण, उपभोक्ताओं से संवाद और शिकायत निवारण, पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच, महिलाएं महीने में 15 दिन करती हैं। रोजाना 4-5 घंटे काम करती हैं। जल शक्ति विभाग ने महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिया है। इसमें बिलिंग, डिजिटल रिकॉर्ड, मीटर रीडिंग और पानी की गुणवत्ता की जांच शामिल है।

जलसेवाओं में हुआ सुधार
अमरूत मित्रा के जुड़ने से जल सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पानी कनेक्शन 5,466 से बढ़कर 5,862, वार्षिक कर संग्रह 1.07 करोड़ से 1.42 करोड़, मासिक संग्रह 8.96 लाख से 11.86 लाख हर महीने और लगभग 3000 बिलों का वितरण किया गया। यह सुधार बिना किसी टैरिफ बढ़ोतरी से हुआ है। डलहौजी जैसे पहाड़ी इलाके में बिखरी बसावट के कारण पहले सेवाएं पहुंचाना कठिन था।
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नई दिल्ली में मिला सम्मान इस बात का प्रमाण है कि चंबा का यह मॉडल पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुका है। अब स्थानीय स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अमरूत मित्रा बनकर दूर-दराज क्षेत्रों में भी बिलिंग, मीटर रीडिंग और शिकायत निवारण का काम कर रही हैं।
- राखी कौशल, वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
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