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Chamba News: मौसम ने बिगाड़ा सेब का आकार, नहीं मिल रहे चोखे दाम

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तीसा (चंबा)। भारी बारिश और ओलावृष्टि इस बार बागवानों को काफी नुकसान पहुंचाया है। चुराह विधानसभा क्षेत्र के तहत आते क्षेत्र में पिछले दिनों हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से सेब का आकार प्रभावित हो गया है। यही नहीं सेब पर दाग भी पड़ गया है। अमृतसर, पंजाब और चंडीगढ़ में बागवानों को 10 किलोग्राम की पेटी के सेब के साइज की वजह से महज 250 से 300 रुपये मिल रहे हैं। इससे बागवानों को भविष्य की चिंता सता रही है। चांजू, देहरा, खुशनगरी, देहरोग, तीसा, जसौरगढ़, सनवाल, भराड़ा, दियोला आदि क्षेत्रों के ग्रामीण सेब समेत अन्य फलों को बागीचों में उगाकर मंडियों में बेचने के लिए भेजते हैं। इससे ही उनकी आजीविका चलती है। ऐसे में इस बार मौसम की मार से बागवानों को खासा घाटा उठाना पड़ रहा है। जिले में बागवान सेब को साइज के आधार पर ही मंडियों में बेचने के लिए भेजते हैं।
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भारी बारिश और ओलावृष्टि से सेब की फसल को काफी नुकसान हुआ है। सेब का साइज न बनने से अब मंडी में भी साइज के हिसाब से बागवानों को कम दाम मिल रहे हैं। -शमशेर अली, बागवान।
भर वर्ष मेहनत कर बगीचों में सेब की अच्छी फसल होने की उम्मीद रही लेकिन, भारी बारिश ने बागवानों की कमर तोड़ने का काम किया। सरकार और विभाग को बागवानों को उचित मुआवजा देना चाहिए। -पवन कुमार, बागवान।
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बगीचों में सेब का साइज न बनने से बागवानों को घाटा उठाना पड़ रहा है। बागवानों को साइज के हिसाब से मंडियों में पिछले वर्ष की अपेक्षा कम दाम मिल रहे हैं। इससे अब भविष्य की चिंता रही है। -लाल चंद, बागवान।
एक तरफ बागवानी विभाग बागवानों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने की बात करता है तो वहीं, दूसरी ओर बागवानों को होने वाले नुकसान को लेकर भी विभाग को उनकी मदद के लिए तत्पर रहना चाहिए। -हेमराज, बागवान।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजीव चंद्रा ने माना कि भारी बारिश की वजह से सेब का साइज नहीं बन पाया है। बागवानों को अपनी फसलों का बीमा करवाना चाहिए जिससे फसलों को नुकसान होने पर उन्हें उचित मु्आवजा प्रदान किया जा सकता है।
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