चुराह (चंबा)। बीते दिनों हुई भारी बारिश ने जिले में काफी कहर बरपाया है। इससे जहां किसानों की जमीन फसलों समेत बह गई तो वहीं कई लोग बेघर भी हो गए। शुक्राह निवासी पानो देवी पत्नी स्व. प्रेम लाल ने बताया कि बीते दिनों हुई भारी बारिश से उसके मकान के साथ भूस्खलन हुआ। इससे उनके मकान सहित गांव के दो अन्य घरों में भी दरारें आ गईं। मकान की दीवारों में आईं दरारों के कारण मकान कभी भी धराशायी हो सकता है। इससे पहले कि मकान धराशायी हो जाए, पीड़िता ने अपने परिजनों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से परामर्श कर मकान के भीतर रखे सामान को सुरक्षित निकालने और अपने स्तर पर ही मकान की ऊपरी मंजिल को तोड़ने का निर्णय लिया। जब लोगों ने घर को उखाड़ने का कार्य शुरू किया तो पानो देवी से की आंखों से आंसू छलक पड़े। पीड़िता ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि समय रहते अन्य घरों को भूस्खलन से बचाया जाए। बताया कि पति की मौत के बाद बड़ी मुश्किल से बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ घर का निर्माण करवाया था जो आज आंखों के सामने मिट्टी में मिल गया।
गांव के ही ओम प्रकाश और मान सिंह ने बताया कि उनके घरों में भी भूस्खलन से दरारें आ चुकी हैं। इससे घर गिरने की कगार पर हैं। घरों को खाली कर दिया है और अपने रिश्तेदारों के घरों में वक्त गुजार रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग उठाई है।
पंचायत प्रधान टेकू देवी ने खबर की पुष्टि की है। बताया कि सूचना मिलने के बाद प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया गया। साथ ही घर के साथ डंगा लगाने का कार्य भी शुरू करवाया गया लेकिन, लगातार हो रही बारिश से कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। मौसम खुलते ही दोबारा डंगा लगाने का कार्य आरंभ करवाने की पंचायत प्रधान ने बात कही है।