सलूणी उपकेंद्र में कीटनाशकों की कमी से बढ़ी बागवानों की चिंता
निजी दुकानों से महंगी दवाइयां खरीदने को हो रहे हैं मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। सलूणी क्षेत्र में इन दिनों सेब के बगीचों पर कीटों का खतरा मंडरा रहा है। इससे बागवान काफी चिंतित हैं। इस समस्या की वजह उद्यान विभाग के उपकेंद्र सलूणी में कीटनाशकों की कमी बताई जा रही है।
पिछले एक माह से डाइठिन एम-45 और लिथिल मासबान जैसी जरूरी दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते बागवान समय पर स्प्रे नहीं कर पा रहे हैं। बागवानों ने कहा कि यह समय सेब के पौधों में कीट नियंत्रण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है लेकिन दवाइयों की अनुपलब्धता के कारण बगीचों में बीमारी का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय बागवानों में सुरेंद्र शर्मा, प्रेम सिंह, धर्म सिंह, मान सिंह, भाग सिंह, चतरो सिंह और किशनों राम ने बताया कि उपकेंद्र से मिलने वाली दवाइयां उन्हें पहले 140 रुपये में उपलब्ध हो जाती थीं लेकिन अब मजबूरी में उन्हें निजी दुकानों से वही दवाइयां 280 रुपये में खरीदनी पड़ रही हैं। इससे उनकी लागत बढ़ गई है और आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। बागवानों ने विभाग से मांग की है कि जल्द उपकेंद्र में दवाइयों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए जिससे वे समय पर स्प्रे कर सकें और महंगी निजी दवाइयों पर निर्भर न रहना पड़े। इस संबंध में उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और दवाइयों की मांग भेज दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही उपकेंद्र में कीटनाशक उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।