क्वारसी नाले पर तैयार किया जा रहा चौली बैली ब्रिज का स्ट्रक्चर। संवाद
भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र होली के चौली में क्वांरसी नाले पर बन रहे 57 मीटर लंबे बैली ब्रिज के ढांचे को इंजीनियरों ने जोड़ दिया है। अब ढांचे के ऊपर वाहनों की आवाजाही के लिए लोहे की चादरें डाली जाएंगी। इसके बाद पुल को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु किया जा सकता है। वीरवार को जब इंजीनियरों ने पुल के ढांचे को नाले के आरपार पहुंचाया तो वहां पर झंडा चढ़ाकर पूजा की गई। इंजीनियरों ने झंडा चढ़ाकर पुल का आगामी कार्य शुरू किया।
जिस तेजी के साथ इंजीनियरों और कामगारों ने बैली ब्रिज के ढांचे को जोड़कर आरपार पहुंचाया है उसे देख यही लग रहा है कि शायद आगामी दिनों में पुल बनकर तैयार हो जाएगा। चौली के पास पुराने पुल को गिरे हुए करीब एक माह का समय हो चुका है। लोगों और छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए विभाग ने क्वांरसी नाले के साथ अस्थायी मार्ग बनाया है जिसके ऊपर से आवाजाही करना वाहन चालकों और राहगीरों के लिए मुश्किल हो रहा है। होली की नौ पंचायतों के लोगों को एक माह से चंबा के लिए बस सुविधा नहीं मिल पा रही है। चौली के आगे बसों सहित अन्य बड़े वाहनों की आवाजाही बंद पड़ी हुई है।
यह आवाजाही नया बैली ब्रिज बनने के बाद ही शुरू हो पाएगी। पुल के इस तेज गति से चल रहे निर्माण कार्य के पीछे स्थानीय विधायक डॉक्टर जनकराज भी भी सक्रियता देखी जा रही है। क्योंकि वह पुल के कार्य का मुआयना लेने के साथ ही वह लगातार विभागीय अधिकारियों को पुल शीघ्र बनाने के निर्देश भी दे रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव महाजन ने बताया कि पुल के ढांचे को आरपार जोड़ दिया गया है। बचे हुए कार्य को भी शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।