असुरक्षित महसूस करते हैं यात्री, दूसरी मंजिल की सीढि़यों पर भी रोशनी नहीं
यात्री बोले, समस्या से अवगत करवाने के बाद भी नहीं हुआ समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चंबा बस स्टैंड, जहां दिन में हलचल रहती है, शाम छह बजे के बाद अंधेरे में डूब जाता है। बस स्टैंड की दूसरी मंजिल पर रोशनी न होने के कारण यात्रियों में डर का माहौल रहता है। यात्रियों कर मानें तो अंधेरे में सीढ़ियों पर चलना भी मुश्किल है । कई बार अंधेरे में फिसलने से यात्री चोटिल हो जाते हैं। महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस करते हैं। इस बारे में कई बार एचआरटीसी के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। बस स्टैंड की लाइटें खराब हैं और सुरक्षा इंतजाम न के बराबर हैं। रोज़ाना सैकड़ों यात्री बस स्टैंड में आवाजाही करते करते हैं।
यात्रियों में रेखा देवी, सुमित्रा देवी, अनिल ठाकुर, संजय कुमार और राहुल कुमार ने बताया कि छह बजे के बाद बस स्टैंड में अंधेरा इतना घना हो जाता है कि कदम रखने में डर लगता है। बुजुर्ग और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। रोशनी का अभाव हर किसी के लिए खतरा बन गया है। बस स्टैंड पर सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां पर रोशनी और सुरक्षा की तुरंत जरूरत है। दूसरी मंजिल तो जैसे भूत बंगला बनी हुई है। परिवहन निगम इस समस्या से बेखबर है या फिर देखकर अनदेखा कर रहा है।
इस संबंध में एचआरटीसी के डीडीएम चंबा शुगल सिंह का कहना है कि मामला ध्यान में लाया गया है। कई जगहों पर लाइटें लगाई हैं। शेष जगहों पर भी जल्द लाइट की व्यवस्था करवाई जाएगी।
चंबा स्टैंड में पसरा अंधेरा। संवाद