भरमौर (चंबा)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बडग्राम में प्रवक्ता न होने के कारण दसवीं से आगे की पढ़ाई करने वालों को तुंदा, पूलन और भरमौर स्कूलों का रुख करना पड़ रहा है। गरीब परिवार अपने बच्चों को घर से बाहर भेजने में असमर्थ होने के कारण बीच में ही पढ़ाई छुड़वाने के लिए विवश हैं। बड़ग्राम विद्यालय का गत अक्तूबर में उच्च पाठशाला से दर्जा बढ़ाकर वरिष्ठ माध्यमिक तो कर दिया गया लेकिन बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रवक्ताओं की नियुक्ति नहीं की गई। इस वजह से ग्यारहवीं में उत्तीर्ण हुए बच्चे दूसरे स्कूलों में जाने के लिए विवश हैं।
बीते साल बड़ग्राम के लोगों ने खाली पदों को जल्द भरने के लिए उपमंडल अधिकारी के समक्ष मांग पत्र सौंपा। धरने पर बैठने की धमकी दी थी लेकिन उस वक्त नजदीक के स्कूल से पूलन से दो प्रवक्ताओं को प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया। अब 31 मार्च को प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त होने पर दोनों प्रवक्ता पूलन स्कूल वापस चल गए हैं। ऐसे में बड़ग्राम में अब कोई भी प्रवक्ता नहीं है। इतना ही नहीं, विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद भी खाली चला हुआ है। बड़ग्राम स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राज कुमार ने बताया कि इस समय ग्यारहवीं से 29 बच्चे बारहवीं कक्षा में बैठेंगे जबकि 30 बच्चों ने दसवीं की परीक्षा दी हुई है। ऐसे में इन बच्चों की पढ़ाई पर संकट मंडराने लगा है। बड़ग्राम स्कूल में प्रधानाचार्य, अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, इतिहास, हिंदी और कंप्यूटर साइंस के पद खाली हैं। जबकि ग्यारहवीं से बारहवीं में हुए संचिन, अरुण, साहिल, तमन्ना, रीता और लक्ष्मी ने बताया कि स्कूल में कोई भी प्रवक्ता न होने के कारण मजबूरन दूसरे स्कूलों का रुख करना पड़ेगा या फिर उन्हें बीच में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ेगी।
उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। सरकार के आदेशानुसार प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए प्रवक्ता वापस बुला लिए गए हैं। बहरहाल रिक्त पदों के बारे में सरकार को समय-समय पर अवगत करवाया जा रहा है।