चंबा। चंबा जिले में भी बूस्टर डोज का स्टॉक खत्म हो चुका है जो कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे खतरे में लापरवाही साबित हो सकता है। जिले में एक लाख से अधिक लोगों को अभी बूस्टर डोज लगना बाकी है लेकिन इन लोगों को किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में बूस्टर डोज नहीं लगाई जा रही है। इतना ही नहीं जिले में को-वैक्सीन और कोविशील्ड का स्टॉक भी खत्म है। इसे अभी तक प्रदेश सरकार ने उपलब्ध नहीं करवाया है। कोरोना महामारी से बचने के लिए दवाई के रूप में मौजूदा समय में इन वैक्सीन का ही सहारा है। ऐसे में वैक्सीन को लेकर सरकार की इस प्रकार की लापरवाही भविष्य में खतरनाक साबित हो सकती है। कोरोना के सक्रिय मरीज तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 69 पहुंच चुकी है। सरकार, प्रशासन और विभाग लोगों को कोविड के प्रति एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं लेकिन इनमें से कोई भी लोगों को कोरोना से बचाने के लिए वैक्सीन मुहैया करवाने में गंभीर नहीं है।
जिले में पौने छह लाख की आबादी है। इनमें से साढ़े तीन लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का विभाग ने लक्ष्य रखा था। इनमें एक लाख से अधिक लोगों को अभी बूस्टर डोज लगाई जानी है लेकिन लोग वैक्सीन लगाने के लिए जब स्वास्थ्य संस्थानों में जा रहे हैं तो वहां पर उन्हें वैक्सीन नहीं मिल रही है। मेडिकल कॉलेज कॉलेज सहित जिले के अन्य सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में कोरोना से बचाने वाली वैक्सीन खत्म हो चुकी है।
जिले के साथ प्रदेश में भी वैक्सीन खत्म है। चंबा में वैक्सीन उपलब्ध करवाने के लिए राज्य को डिमांड भेजी जा चुकी है। जैसे ही यह डिमांड पूरी होगी। उसके तुरंत बाद लोगों को स्वास्थ्य संस्थानों में बूस्टर डोज लगाई जाएगी। डॉ. जालम सिंह भारद्वाज, जिला स्वास्थ्य अधिकारी।