मेडिकल कॉलेज के फायर यंत्रों की रिफिलिंग अवधि खत्म, 250 से अधिक मरीजों की सुरक्षा पर सवाल
अस्पताल में हर समय सैकड़ों लोग मौजूद, आपदा की पहली घड़ी में इन्हीं यंत्रों पर रहेगा भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आग से बचाव की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल में आग बुझाने के लिए लगाए गए अधिकांश फायर सुरक्षा यंत्रों की रिफिलिंग की निर्धारित अवधि पूरी हो चुकी है।
इसके बावजूद इनकी रिफिलिंग अब तक नहीं हो पाई है। यानी जिस सुरक्षा व्यवस्था से आग की पहली लपट को रोकने की उम्मीद की जाती है, उसी की तैयारी समय पर पूरी नहीं हुई।
मेडिकल कॉलेज में 250 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। इनके साथ सैकड़ों तीमारदार और कर्मचारी भी दिन-रात परिसर में मौजूद रहते हैं। अस्पताल भवन में आग लगने की स्थिति में शुरुआती बचाव के लिए फायर यंत्र सबसे अहम साधन होते हैं। ऐसे में इनकी रिफिलिंग अवधि समाप्त होना महज तकनीकी प्रक्रिया में देरी नहीं, बल्कि आपात स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता से जुड़ा विषय है।
तीमारदार अशोक कुमार, चमन सिंह, रवि कुमार, करण कुमार, संजय शर्मा, जय सिंह और राहुल कुमार ने कहा कि आगजनी की स्थिति में राहत दल के पहुंचने से पहले इन्हीं यंत्रों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया जाएगा। इसलिए सुरक्षा उपकरणों को केवल दीवारों पर टांगना पर्याप्त नहीं, उनका हर समय उपयोग के लिए तैयार रहना भी जरूरी है। उन्होंने सभी फायर यंत्रों की तत्काल जांच और रिफिलिंग करवाने की मांग की। उधर, मेडिकल कॉलेज प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि जिन फायर यंत्रों की रिफिलिंग का समय पूरा हो चुका है, उन्हें जल्द रिफिल करवाया जाएगा।