प्राथमिक पाठशाला जलाई में अभी तक बिजली की सुविधा नहीं, स्कूल में 30 बच्चे ले रहे शिक्षा
ठंड और गर्मी में मुश्किलों से जूझते हैं नन्हे विद्यार्थी, कंप्यूटर का इस्तेमाल संभव नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी की खल पंचायत के प्राथमिक पाठशाला जलाई में बीस साल से बिजली की सुविधा नहीं है। बच्चों में शिक्षा की रोशनी जलाने वाले इस विद्यालय में खुद रोशनी का नामोनिशान नहीं है। स्कूल के शिक्षक और बच्चे अंधेरे में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बिजली न होने के कारण स्कूल में कंप्यूटर या अन्य डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल संभव नहीं है।
आधुनिक शिक्षा के इस युग में जलाई स्कूल के बच्चे तकनीकी शिक्षा से पूरी तरह वंचित हैं। बिजली न होने से सर्दियों में बच्चे ठंड से ठिठुरते हैं, वहीं गर्मी के मौसम में पढ़ाई करना बेहद मुश्किल हो जाता है। फिलहाल विद्यालय में करीब तीस बच्चे अध्ययनरत हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं। इस समस्या की जानकारी शिक्षा विभाग तक कई बार पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन हालात नहीं सुधरे हैं। बीईईओ तिलक राज सुंडला ने बताया कि उन्होंने कई बार बिजली बोर्ड को सूचित किया, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।
बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता राकेश कुमार ने कहा कि जिस स्थान से बिजली की लाइन ले जानी है, वह स्पैन काफी लंबा है, लेकिन विभाग जल्द इस समस्या का समाधान करने का प्रयास करेगा।
अभिभावकों दर्शना कुमारी, भगतो, चतरो राम, मान सिंह और रवि कुमार का कहना है कि बिना बिजली के बच्चों का भविष्य अंधेरे में है। बच्चे ठंड में ठिठुरते हैं और गर्मियों में परेशान रहते हैं। पंचायत सचिव रिंपी शर्मा ने बताया कि इस समस्या को हल करने के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है।