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Chamba News: एक साल से ज्यादा समय से जेल से भागे कैदी को नहीं पकड़ पाई पुलिस

Mon, 06 Jul 2026 11:13 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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इब्राहिम के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रहीं पुलिस टीमें, अभी भी बना है चुनौती
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मई 2025 को सफाई के बहाने चंबा जेल से भाग गया था दुष्कर्म का आरोपी
पीड़ित परिवार को डराने-धमकाने के भी लग चुके है उस पर संगीन आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला कारागार से भागने के एक साल से ज्यादा समय बाद भी इब्राहिम पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। चंबा पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश देने का दावा कर रही हैं लेकिन आरोपी अभी तक हाथ नहीं आया है। इस बीच, उस पर कई गंभीर घटनाओं में संलिप्त होने के आरोप भी लगे हैं। विचाराधीन कैदी इब्राहिम को 374 दिन (एक वर्ष 9) बाद भी पुलिस पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाई है।
जेल से भागने के बाद आरोपी पर 24 जून को पीड़ित के दादा पर गोली चलाने, 1 सितंबर को धमकी भरे खत परिवार को भेजने, गोशाला और घास जलाने सहित कई घटनाओं को अंजाम देने के आरोप लगे हैं। पुलिस विभाग दावा कर रहा है कि आरोपी को पकड़ने के लिए टीमें दबिश दे रही हैँ। पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा देने की भी बात कही जा रही है।
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यह था मामला
आरोपी इब्राहिम पर भतीजी को भगा ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप है। शिकायत के कुछ दिन बाद पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने लड़की को स्वजन के हवाले कर दिया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया। यहां से जेल भेज दिया। इस घटनाक्रम के बीच पीड़ित ने बच्चे को जन्म दिया। अब आरोपी पत्नी और बच्चे को पाने के लिए यह सब कर रहा है।
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कब-कब क्या-क्या रहा घटनाक्रम
- आरोपी 27 मई को जेल परिसर में साफ-सफाई के दौरान संतरी को चकमा देकर भाग गया था।
- जेल से भागने के बाद इब्राहिम ने अपने ताऊ (पीड़ित के दादा) पर गोली चलाई थी। इसमें वह बाल-बाल बच गए थे।
- इब्राहिम ने कई बार पीड़ित परिवार को धमकी भरे खत भेजे और गदरी गांव में उनकी गोशाला में आग भी लगा दी थी।
- चंबा पुलिस ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा तो दी है लेकिन चुनौतियों के बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की पहुंच से दूर है।

जेल से भागे कैदी इब्राहिम को पकड़ने के लिए टीमें लगी हैं। सप्ताह में एक से दो बार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की गई है। कैदी के पास मोबाइल नहीं है जिससे उसकी लोकेशन का पता चल सके। ऊपरी धारा में रहने वाले गुज्जरों और वन विभाग के कर्मचारियों से भी उसे पकड़ने की रणनीति में सहयोग लिया जा रहा है। पुलिस अपराधी को पकड़ने के लिए प्रयासरत है। - विजय सकलानी, पुलिस अधीक्षक
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