रावी तट पर घंटों नाका, टीम के सामने नहीं आया कोई कचरा फेंकने, करियां के फर्नीचर कारोबारियों को चेताया
रावी नदी के किनारे पहुंचा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लकड़ी का कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। रावी नदी के तट पर लकड़ी का कचरा फेंकने वालों को पकड़ने के लिए सोमवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने ऐसा नाका लगाया कि घंटों तक कचरा फेंकने वाले का इंतजार होता रहा। टीम ने नदी के किनारे काफी देर तक निगरानी रखी, लेकिन उसकी मौजूदगी में कोई भी व्यक्ति कचरा फेंकने नहीं पहुंचा।
संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से अमर उजाला में रावी तट पर लकड़ी का कचरा फेंके जाने की खबर प्रकाशित होने के बाद पीसीबी ने मामले का संज्ञान लिया। टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कचरा फेंकने वालों को पकड़ने के लिए निगरानी की। इसके बाद टीम करियां पहुंची, जहां फर्नीचर बनाने वाले कारोबारियों के यहां कचरे के निपटान की व्यवस्था की पड़ताल की गई।
पीसीबी अधिकारियों ने कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि फर्नीचर बनाने के बाद निकलने वाला लकड़ी का कचरा रावी नदी के तट पर न फेंका जाए। कचरे के उचित निपटान की व्यवस्था करने को कहा गया। बोर्ड ने चेताया कि नदी में कचरा फेंकते हुए कोई पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीसीबी के सहायक अभियंता राहुल शर्मा ने बताया कि नदी के तट पर मलबा या किसी भी तरह का कचरा फेंकना प्रतिबंधित है। इससे पहले लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार पर मलबा फेंकने के मामले में जुर्माना लगाया जा चुका है। अब लकड़ी का कचरा फेंके जाने की शिकायत सामने आई है, जिस पर बोर्ड निगरानी रख रहा है।
उन्होंने कहा कि कचरा फेंकते हुए पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों से भी नदी तट पर कचरा फेंकने वालों की सूचना देने और सफाई व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई है।