पांच साल में मात्र डंगा लगा, 10 करोड़ रुपये हुए हैं स्वीकृत
50 बिस्तर का प्रावधान है नए भवन, 100 ओपीडी रहती है प्रतिदिन
पांच बिस्तरों की ही व्यवस्था है मौजूदा भवन में, नहीं होते एक्स-रे
दिनेश राणा
सलूणी (चंबा)। जिले के सलूणी में अस्पताल के नए भवन का निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा है। इससे क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। करीब 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने और पांच साल पहले शिलान्यास होने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया।
नए भवन में 50 बिस्तर का प्रावधान है। वर्तमान में मरीजों को पुराने और छोटे भवन में मात्र पांच बिस्तर की ही व्यवस्था है। अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक ओपीडी होती है। सीमित जगह के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां एक्स-रे जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
इस अस्पताल पर सलूणी, सिंगाधार, बियाणा, मंजीर, दिघाई, खरोठी, खरल, सियूला, पुखरी, दरेकड़ी और लिग्गा समेत एक दर्जन पंचायतों के लोग निर्भर हैं। बार-बार मांग उठाने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा न होने से लोगों की उम्मीदें अब टूटने लगी हैं। बताया जा रहा है कि डंगा लगने के अलावा निर्माण कार्य नहीं हो सका है जिससे पूरा प्रोजेक्ट अटका हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों के कई दौरे भी इस समस्या का समाधान नहीं कर पाए हैं।
उधर, सीएमओ चंबा डॉ. जालम सिंह ने बताया कि उन्होंने नए भवन का निरीक्षण किया है और मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
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हम वर्षों से नए अस्पताल का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिलते हैं। जल्द ही अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू होना चाहिए। -कर्म सिंह
इतनी बड़ी आबादी के लिए पांच बिस्तर का अस्पताल मजाक जैसा है। भवन न होने से न तो एक्स-रे की सुविधा है न ही अल्ट्रासाउंड की। मजबूरी में चंबा जाना पड़ता है। -भीलो राम
पांच साल पहले जब सलूणी अस्पताल के नए भवन की सूचना मिली तो लोगों में काफी खुशी थी कि अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी मगर अब उम्मीद टूट रही है। -प्रीतम सिंह
डंगे से आगे काम पूरा नहीं हो पाया है। हर दिन अस्पताल में 100 से अधिक ओपीडी होती है। लोगों को परेशानी हो रही है। आखिर कब नया भवन बनेगा। -प्रत्यूष कश्मीरी
आपदा के कारण जमीन धंस गई थी। इसके चलते निर्माण कार्य रोकना पड़ा है। अब स्थिति का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-हिमांशु वर्मा, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग