चंबा। चाहे विधानसभा चुनाव हो या फिर लोकसभा चुनाव। अब राष्ट्रीय स्तर के नेता भी मतदाताओं की नब्ज टटोलने के लिए पहुंच रहे हैं।
पिछले करीब 15 साल में चुनावों का स्वरूप बदल गया है। अपने प्रत्याशियों की जीत करने के लिए जहां स्थानीय नेता भाग-दौड़ कर रहे है, वहीं राष्ट्रीय स्तर के नेता भी खूब मेहनत कर रहे हैं। मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए देश के दोनों प्रमुख दलों के नेता चंबा पहुंच रहे हैं। चुनावों के दौरान बदले स्वरूप और चुनावी माहौल में बड़े नेताओं की बढ़ते दौरों पर लोगों ने थोड़ी हैरानी भी जताई है। साथ ही लाभ यह बताया कि राष्ट्रीय नेता भी चंबा की कठिन भौगोलिक परिस्थिति से वाकिफ हो रहे हैं।
पहले भी कई नेता चंबा चुनावों के दौरान पहुंचे हैं, मगर इस बार एक के बाद एक बड़ा नेता चंबा का रुख कर रहा है। यह समझ से परे है। चुनाव का अलग ही माहौल बना हुआ है। - पीसी ओबरॉय, वरिष्ठ नागरिक
काफी सालों तक देश में ही एक पार्टी का शासन रहा है। कोई प्रतिद्वंद्वी न होने की वजह से ऐसा हुआ है। अब दोनों दल बराबर के हैं। ऐसे में राष्ट्रीय नेताओं का आना स्वाभाविक है।
- मेजर एससी नैयर, वरिष्ठ नागरिक
राष्ट्रीय नेताओं का चंबा दौरा करना एक तरफ से सही भी है। इससे वे जिला चंबा की भौगोलिक परिस्थितियों को भी जान पाएंगे। साथ ही विकास की नई योजनाएं भी दे सकते हैं। जमशीद बेगम, वरिष्ठ नागरिक,
पिछले करीब 15 साल से राष्ट्र स्तर के नेता चंबा पहुंच रहे हैं। पहले इक्का-दुक्का ही नेता आते थे। अब एक नेता के बाद दूसरे दल का नेता भी चंबा पहुंच रहा है। चुनावों का स्वरूप बदला है। - पुर्थी देवी, वरिष्ठ नागरिक