कामला गांव की देहर खड्ड से पानी लाने के लिए 45 किसान कर रहे हैं श्रमदान
बोले- समय पर कूहल बहाल न हुई तो संकट में आ सकती है मेहनत और फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। जब जिम्मेदार हाथ पीछे हट गए तो किसानों ने खुद फावड़ा उठा लिया। सिहुंता क्षेत्र के कामला गांव में जल शक्ति विभाग की निष्क्रियता के बीच करीब 45 किसान कई दिनों से देहर खड्ड में श्रमदान कर खगल कूहल तक पानी पहुंचाने में जुटे हैं ताकि सूखती फसलों को जीवन मिल सके। किसानों का आरोपी है कि जल शक्ति विभाग की कथित उदासीनता के कारण उन्हें फसलों को बचाने के लिए खुद मोर्चा संभालना पड़ा। किसानों ने कहा कि यदि समय रहते सिंचाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो उनकी मेहनत और फसल दोनों पर संकट गहरा सकता है।
खगल कूहल खेती का मुख्य आधार है। वर्तमान में धान फसल के लिए पर्याप्त सिंचाई की आवश्यकता है लेकिन विभाग की ओर से कूहल की मरम्मत और पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मजबूरन किसानों को खुद फावड़ा और कुदाल उठाकर देहर खड्ड में श्रमदान करना पड़ रहा है।
किसानों में माधो राम, अशोक कुमार, कुलभूषण उपमन्यु, शशि, कर्म सिंह, चतरो राम, दौलत राम और खेम राज ने बताया कि जल शक्ति विभाग को कई बार समस्या से अवगत कराया गया लेकिन आज दिन तक विभाग ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। यदि वे स्वयं आगे नहीं आते तो उनकी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच जातीं। उनके खेतों के लिए पानी नहीं आ रहा है। वह खुद खड़्ड में जाकर कूहल में पानी लाने की व्यवस्था कर रहे है क्योंकि खेत सूख गए हैं।