चंबा। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में विशेष अभियान चलाकर 7,000 विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। नशा करने से व्यक्ति के शरीर पर क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं। उसके बारे में उन्हें विस्तार से जानकारी दी गई। यह भी समझाया कि नशा एक ऐसा धीमा जहर है जोकि इंसान को धीरे-धीरे मौत के करीब ले जाता है। इस अभियान के तहत विभाग की टीमों ने जिले के 300 सरकारी व निजी स्कूलों में जागरूकता शिविर लगाए। इन शिविरों में विद्यार्थियों को नशे की लत में न पड़ने के लिए प्रेरित किया गया। इतना ही नहीं 1,000 अन्य युवाओं को भी इस अभियान के तहत जागरूक किया गया। 20 मई से लेकर छह जून तक यह अभियान चला। इसकी बच्चों के अभिभावकों ने काफी सराहना की है। आज के परिवेश में हरेक अभिभावक नशे के बढ़ते प्रचलन से परेशान है। उन्हें यही चिंता सताती रहती है कि कहीं उनका बच्चा भी इस लत में न पड़ जाए।
विभाग की टीमों ने स्कूलों में जागरूकता शिविरों के दौरान यह भी बताया कि नशा करने से कौन-कौन सी बीमारी हो सकती है। उन बीमारियों से व्यक्ति कैसे मौत के करीब पहुंचता है। उसकी तस्वीरें भी उन्हें दिखाई गईं। इससे पहले इस तरह का जागरूकता अभियान शायद ही कभी जिले में चलाया गया हो। ऐसे में विभाग इस अभियान के परिणाम देखकर आगामी दिनों में इसके विस्तार की योजना बना सकता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिपिन ठाकुर ने बताया कि युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया। इसमें विशेष तौर पर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया।