चंबा। चंबा के सुराड़ा वार्ड की निवासी नीलम ने अपनी मेहनत से अचार और चुख का कारोबार शुरू किया। अब यह सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है बल्कि शिमला और आसपास के शहरों तक बिकने लगा है।
नीलम और उनकी पांच महिला साथी मिलकर जय तारा माता नामक स्वयं सहायता समूह चला रही हैं, जो पिछले 12 वर्षों से यह व्यवसाय कर रहा है।
ग्राहकों की बढ़ती मांग को देखते हुए नीलम का समूह अब दिन-प्रतिदिन 30 किलो अचार और चुख का उत्पादन कर रहा है। विशेष रूप से हरी और खट्टी-मीठी चुख ग्राहकों के बीच लोकप्रिय हो गई है। मेलों और स्टॉल बिक्री के माध्यम से समूह को अच्छा मुनाफा हो रहा है।
नीलम का कहना है कि स्वयं सहायता समूह ने न केवल मुझे आत्मनिर्भर बनने का मौका दिया बल्कि मेरे साथियों को भी रोजगार के अवसर दिए। उनका अनुभव यह साबित करता है कि संगठित प्रयासों और मेहनत से महिलाएं न केवल अपनी आजीविका को सशक्त बना सकती हैं बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं।