खुशनगरी (चंबा)। चुराह में बर्फबारी और बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। किसानों-बागवानों को अच्छी पैदावार होने की उम्मीद जगी है। चुराह विधानसभा क्षेत्र में खेतों में बर्फ की सफेद चांदी की चादर बिछ गई है। क्षेत्र में कई साल बाद हुई अच्छी बर्फबारी ने भले ही लोगों की आम दिनचर्या प्रभावित की हो लेकिन, किसानों और बागवानों के लिए खेतों में बिछी बर्फ की सफेद चांदी की चादर किसी वरदान से कम नहीं है। नए साल के शुरुआती दिनों में होने वाली बर्फबारी बागवानी के लिए सबसे अच्छी बताई जा रही है। जनवरी के पहले और दूसरे सप्ताह में गिरने वाली बर्फ जल्द नहीं पिघलती है। ऐसे में पौधे के लिए किए गए तौलिए पर काफी दिनों तक बर्फ जमा रहती है। इससे जमीन ठंडी रहने के साथ नमी भी लंबे समय तक बनी रहती है। यह बर्फ पौधों को कई तरह की बीमारियों सो भी बचाती है।
यही नहीं बगीचे में अधिक समय तक ठंड रहने से सेब की फसल के लिए जरूरी चिलिंग आवर्स भी पूरे होने की संभावना बढ़ गई है। इससे सेब में फ्लावरिंग अच्छी होगी और फसल भी बढ़िया होगी। जिन बागवानों ने सेब सहित नाशपाती, खुमानी और प्लम आदि के पौधे लगाए हैं उसके लिए भी बर्फबारी अमृत के समान है। चुराह में इन दिनों गेहूं, मटर, आलू, लहसुन, प्याज, सरसों आदि की फसलें बीजी गई हैं। इन सभी फसलों के लिए बर्फबारी बहुत अच्छी बताई जा रही है। होशियार सिंह, प्रमोद कुमार, कन्हैया राम, राकेश कुमार, बज्र सिंह आदि का कहना है कि कई सालों के बाद इस बार अच्छी बर्फबारी हुई है। उनका कहना है कि खेती के साथ बगीचों के लिए भी बर्फबारी फायदेमंद है।