क्वारंसी क्षेत्र के भवनों में आईं दरारें, बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों ने उठाए सवाल
1980 में बना स्कूल भवन 2001 में प्राइमरी से मिडिल हुआ अपग्रेड, भवन की हालत खस्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
होली (चंबा)। भूकंप के हल्के झटकों ने जमीन ही नहीं हिलाई, बल्कि क्वारंसी के स्कूल भवनों की वर्षों पुरानी अनदेखी की परतें भी खोल दी हैं। दीवारों में पड़ीं दरारें बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही हैं। 1980 में बना जर्जर भवन आज भी शिक्षा का बोझ ढोने को मजबूर है। 2001 में अपग्रेड हुए स्कूलों के लिए नया भवन आज तक कागजों से बाहर नहीं निकल सका और अब अभिभावक अपने बच्चों को डर के साथ स्कूल भेज रहे हैं।
भूकंप के झटकों से स्कूल भवनों में आईं दरारें और क्षतिग्रस्त हिस्से स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। अभिभावकों में अभिषेक कुमार, अनिल कुमार, बलवीर और विशाल का कहना है कि कई स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर अवस्था में हैं और नए भवनों के निर्माण की मांग लगातार की जा रही है। बावजूद इसके अभी तक कई विद्यालयों को नए भवन नहीं मिल पाए हैं। इस भवन का निर्माण लगभग 1980 के आसपास हुआ था। इसके बाद वर्ष 2001 से जब इस प्राथमिक स्कूल को सरकार ने अपग्रेड तो कर दिया लेकिन भवन निर्माण करना भूल गई। पिछले 25 वर्षों से इन दोनों स्कूलों का संचालन इसी भवन में चला हुआ है। उधर, भूकंप के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रश्न खड़ा हो गया है। स्कूल प्रबंधन समिति और ग्राम पंचायत क्वारंसी के प्रधान कमल किशोर ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि प्रभावित स्कूलों का शीघ्र निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य करवाया जाए। क्षेत्रवासियों में अभिषेक कुमार, अनिल कुमार, बलवीर और विशाल का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और सरकार को इस दिशा में जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उधर, उच्च शिक्षा उपनिदेशक चंबा विकास महाजन ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में नहीं है। संबंधित खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी को जरूरी दिशा निर्देश दिए जाएंगे।