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Chamba News: मलबे का बोझ भी ढो रही रावी की धारा

Sat, 01 Aug 2026 10:39 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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पर्यावरण संरक्षण के दावों के बीच दिनदहाड़े टिपरों से नदी में उड़ेला जा रहा मलबा
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विरोध करने वालों को मिल रहीं धमकियां, पीसीबी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। रावी का बहता पानी अब मलबे का बोझ भी ढोने को मजबूर है। पर्यावरण संरक्षण के दावों के बीच दिनदहाड़े नदी में टिपरों से मलबा उड़ेला जा रहा है। विरोध करने वालों को धमकियां मिल रही हैं जबकि जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पूरे मामले को और गंभीर बना रही है।
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नियमों को ताक पर रखकर टिपरों के जरिये नदी में मलबा डंप किया जा रहा है। इससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित होने के साथ पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। हैरानी की बात है कि यह सब खुलेआम हो रहा है। बावजूद इसके संबंधित विभागों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों ने जब नदी में मलबा फेंकने का विरोध किया तो कार्रवाई होने के बजाय उन्हें ही धमकियों का सामना करना पड़ा। आरोप है कि टिपर चालक विरोध करने वालों से अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें चुप रहने और रास्ते से हट जाने की चेतावनी दे रहे हैं। इससे लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह मलबा नदी में डाला जाता रहा तो बरसात के दौरान जल प्रवाह बाधित होने से बाढ़ और कटाव का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही जलीय जीवों और नदी के परिस्थिति की तंत्र पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। लोगों में नितिन, मनु, अभिषेक, ललित, और राहुल ने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अवैध डंपिंग नहीं रोकी गई तो परिणाम और भयानक हो सकते हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर दिनदहाड़े नदी में हो रहे इस पर्यावरणीय अपराध पर जिम्मेदार विभागों की नजर क्यों नहीं पड़ रही या फिर सब कुछ जानकर भी अनदेखी की जा रही है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि रावी नदी में मलबा फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी किए जाएंगे।
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