चंबा। घरेलू गैस एजेंसी वितरक और इंश्योरेंस कंपनी को घरेलू गैस सिलिंडर से झुलसे व्यक्ति को क्लेम और मुआवजे के रूप में 10 लाख की राशि की नौ प्रतिशत ब्याज के साथ 45 दिनों के भीतर देनी होगी। इतना ही नहीं, दोनों पार्टियों को मुकदमे के खर्च के रूप में 25 हजार रुपये की राशि भी अदा करने के आदेश उपभोक्ता कमीशन धर्मशाला/चंबा के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा ने दिए हैं।
शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता कमीशन धर्मशाला/चंबा में दी शिकायत में बताया कि 17 अक्तूबर 2019 को उसने घरेलू गैस एजेंसी से 689 रुपये शुल्क अदा कर गैस सिलिंडर लिया। जब वह सिलिंडर जलाने लगा तो एकदम उसने आग पकड़ ली। उसने तुरंत उसे बंद कर दिया। साथ ही गैस एजेंसी के सहायता नंबर पर कॉल कर एजेंसी के कर्मी को इसकी सूचना दी। उसने बताया कि कई बार सिलिंडर में गैस अधिक होने पर इस प्रकार की समस्या पेश आती है। लिहाजा, वह कुछ गैस निकाल दें जिसके बाद यह सही तरीके से काम करना आरंभ कर देगा लेकिन, कर्मी की ओर से बताए गए कार्य को करने के बाद भी गैस सिलिंडर से अत्यधिक आग की लपटें उठने लगीं। आग की लपटों से उसका मुंह, दोनों बाजू, टांगें और शरीर का अन्य भाग बुरी तरह से झुलस गया। उसने कड़ी मशक्कत से बाथरूम में पहुंचकर आग को बुझाया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची अग्निशमन विभाग की टीम ने उसे उठाकर मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे टांडा रेफर कर दिया गया। बाद में टांडा से उसे लुधियाना के लिए रेफर किया गया। इसके बाद चार दिसंबर 2019 को पुलिस में मामला दर्ज किया गया। इस घटना में उपभोक्ता का 55 प्रतिशत शरीर जल गया। गैस एजेंसी प्रबंधन की ओर से उसे खराब गैस सिलिंडर दिए जाने से यह घटनाक्रम हुआ। बहराहल, मुआवजे के लिए उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी को दस्तावेजों समेत आवेदन किया गया लेकिन, उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल पाया। ऐसे में थकहार कर शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता कमीशन धर्मशाला/चंबा में न्याय के लिए अर्जी लगाई। कमीशन के अध्यक्ष और सदस्य ने दोनों पक्षों के तर्क और तथ्यों को मद्देनजर रखते हुए , घरेलू गैस एजेंसी वितरक और इंश्योरेंस कंपनी को शिकायतकर्ता को मुआवजे के रूप में 10 लाख की राशि नौ प्रतिशत ब्याज सहित फैसले के 45 दिनों के भीतर अदायगी करने के निर्देश दिए हैं।