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Chamba News: 84 लाख में होने वाले सफाई ठेके को 2.32 करोड़ में कर दिया आवंटित

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चंबा। शहर में सफाई के ठेके आवंटित करने के लिए नियमों को ताक पर रखने का आरोप लगाया गया है। 84 लाख में शहर के तीन जोनों में होने वाले सफाई व्यवस्था के ठेके को करीब 2.32 करोड़ में टेंडर नियमों को ताक पर रख आवंटित किए गए हैं। इसका खुलासा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत ली गई सूचना में होने के साथ अब ऑडिट टीम की ओर से की गई तफ्तीश में भी हुआ है। हालांकि ऑडिट टीम इस संदर्भ में अपनी पूरी रिपोर्ट तैयार कर अर्बन डेवलपमेंट विभाग को भेज दी है। अब शहरी विकास विभाग की ओर से इस मामले में तफ्तीश कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से स्वच्छ भारत मिशन का आगाज किया गया। इसके तहत देश से गंदगी को हटाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत प्रबंधन और शहरी क्षेत्र में नगर निकायों को इसका दायित्व सौंपा गया। आरटीआई से सूचना प्राप्त करने वाले यादव नंदन चौणा ने बताया कि नगर परिषद चंबा में समस्त नियमों को ताक पर रखते हुए चंद ठेकेदार को लाभ देने की मंशा से काम किया जाता रहा है। इसके तहत 28 अक्तूबर 2020 से लेकर 27 अक्तूबर 2021 तक शहर के तीन जोनों में कार्यों को लेकर एक करोड़ 37 लाख 18 हजार 736 रुपये के टेंडर लगाए गए जो किसी कारणवश नहीं खुल पाए। इसके बाद 31 अप्रैल 2021 से लेकर 31 मार्च 2022 तक एक करोड़ 75 लाख 11 हजार 792 रुपये के टेंडर आमंत्रित किए गए। इस दौरान भी टेंडर नहीं खोले गए। इसके बाद तीसरी बार एक जून 2021 से लेकर 31 मई 2022 फिर से टेंडर आमंत्रित किए गए लेकिन टेंडर प्रक्रिया में चार ठेकेदारों ने टेंडर भरे। इनमें से दो ठेकेदार नियमों और शर्तों को पूरा नहीं कर पाए। इससे उनके टेंडर निविदाएं रद्द कर दी गईं। लिहाजा दो ठेकेदारों के टेंडर भरे होने पर महज फाइनांस बीड़ को दरकिनार करते हुए नप ने अपने चहेते को आवंटित कर दिया गया। जबकि विभागीय निदेशालय अनुसार दो बार टेंडर रद्द होने के बाद भी दोबारा आमंत्रित किए जा सकते हैं। हैरानी की बात यहां यह रही कि सफाई टेंडर का बजट भी अमूमन दोगुना कर दिया गया। बताया कि प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर इसके बारे में सूचित किया गया है। साथ ही अब ऑडिट करने के लिए पहुंची टीम ने भी इसे पकड़ लिया है। लिहाजा, ऑडिट टीम ने अपने उच्चाधिकारियों को इसके बारे में अवगत करवाया।
हिमाचल प्रदेश राज्य ऑडिट डिपार्टमेंट के अतिरिक्त निदेशक जितेंद्र सिंह ने बताया कि मामला उनके पास पहुंचा है। इसे अर्बन डेवलपमेंट विभाग को भेज दिया गया है।
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राज्य ऑडिट डिपार्टमेंट के सहायक कंट्रोल निदेशक मुकेश कुमार ने बताया कि ऑडिट के समय ये मामला उजागर हुआ है जिसे आगे विभाग को भेजा गया है।
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