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Chamba News: पांगी के मुनाफे की हवा से महकेंगे जौ के खेत

Sat, 21 Mar 2026 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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पांगी में जौ खरीद और बेचने को पहुंचे किसान। फाइल फोटो
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दुर्गम घाटी के लोगों के लिए खुशियां लेकर आया मुख्यमंत्री सुक्खू की ओर से पेश किया बजट
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प्राकृतिक जौ की खरीद मूल्य पर 20 रुपये की बढ़ोतरी देगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
संवाद न्यूज एजेंसी
पांगी (चंबा)। जिले की दुर्गम पांगी घाटी में पारंपरिक खेती की खुशबू अब सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रही। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बजट ने किसानों की मेहनत को असली पहचान दी है।
प्राकृतिक जौ का न्यूनतम मूल्य बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो कर दिया है। यह सिर्फ दाम की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई रफ्तार, किसानों के सपनों में नई उड़ान और घाटी के खेतों में फिर से उत्साह का संचार है। अब पांगी के किसान समझ रहे हैं कि उनकी मेहनत का फल सीधे उनके हाथ में आएगा, बिचौलियों के चक्कर नहीं।
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मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बजट भाषण के दौरान घोषणा की कि पांगी घाटी में पैदा होने वाले उच्च गुणवत्ता वाले प्राकृतिक जौ का खरीद मूल्य अब 80 रुपये प्रति किलो होगा। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर 20 रुपये प्रति किलो की है। यह घाटी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली साबित होगी। साल 2025 में हिमाचल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने पांगी के किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए जौ का न्यूनतम मूल्य 60 रुपये निर्धारित किया था। इस योजना के तहत सरकार ने पूरे सीजन में पांगी घाटी से रिकॉर्ड 99 क्विंटल जौ की खरीद की थी। किसानों के उत्साह और इस अनाज की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने अब इसके दामों में भारी इजाफा करने का फैसला लिया है ताकि अधिक से अधिक किसान पारंपरिक खेती की ओर लौट सकें। पांगी का जौ अपनी पौष्टिकता और शुद्धता के लिए जाना जाता है। जानकारों का मानना है कि खरीद मूल्य में इस वृद्धि से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि पांगी के इस फसल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

पांगी के किसानों के लिए यह बजट वास्तव में एक बड़ी सौगात है। 20 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कोई छोटी बात नहीं है। इससे उन किसानों को संबल मिलेगा जो कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जमीन से जुड़े हैं। अब खेती केवल गुजर-बसर का साधन नहीं, बल्कि मुनाफे का जरिया बनेगी। - जीवन सिंह, पांगी

जब से सरकार ने जौ की फसल को अच्छे दामों पर खरीदना शुरू किया है, तब से घाटी में खेती का परिदृश्य बदल गया है। हुडान जैसे ऊंचे इलाकों के किसानों के लिए यह एक वरदान है। 80 रुपये प्रति किलो का दाम मिलने से अब युवा पीढ़ी भी पारंपरिक खेती की ओर आकर्षित होगी। - नोरबू महायान, हुडान

सरकार का यह कदम सराहनीय है। जौ पांगी की पहचान है और इसे प्राकृतिक उत्पाद के रूप में पहचान दिलाना सरकार की दूरगामी सोच को दर्शाता है। इससे बिचौलियों का डर खत्म होगा और पैसा सीधे किसान की जेब में जाएगा। - जगदीश, पांगी
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आर्थिक संकट के बावजूद मुख्यमंत्री ने पांगी जैसे जनजातीय क्षेत्रों का ख्याल रखा, इसके लिए हम उनके आभारी हैं। पिछले साल की 99 क्विंटल की खरीद यह बताती है कि पांगी में उत्पादन की अपार क्षमता है। अब बढ़े हुए दाम किसानों को उत्पादन दोगुना करने के लिए प्रेरित करेंगे। - मोहन लाल, पांगी
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