चंबा के पांगी में फूल यात्रा के दौरान प्रस्तुति देती गायक कलाकार।स्त्रोत:जागरूक पाठक
पांगी (चंबा)। पांगी घाटी के ऐतिहासिक फूल यात्रा की तीसरी सांस्कृतिक संध्या हिमाचली लोक गायक सुनील राणा के नाम रही। उन्होंने पांगी पकी ठांगी लाहौल पका जीरा गीत पर दर्शकों को जमकर नचाया।
इसके बाद उन्होंने धुड़ू नचया, शिव एंचली, रलिया रा खेरा मेला सहित अन्य हिमाचली और पहाड़ी गीतों की प्रस्तुति दी। सुनील राणा ने अपने गीतों की प्रस्तुति शुरू की तो दर्शकों की भीड़ ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। दर्शकों ने उनके समक्ष जो भी फरमाइश रखी। उन्होंने उसे पूरा किया।
सुनील राणा की प्रस्तुति से पहले पांगी घाटी के विभिन्न महिला और युवक मंडलों ने पारंपरिक परिधानों में घुरेई नृत्य पेश किया। इनके जरिये उन्होंने पांगी घाटी की संस्कृति को दर्शाने का प्रयास किया। ाफूलयात्रा आयोजन कमेटी के अध्यक्ष केदार राणा ने बताया कि यह मेला पांगी घाटी में सदियों से मनाया जा रहा है। सर्दियों के आगमन पर इस मेले का आयोजन होता। देवी-देवताओं की पूजा कर सुख-स्मृद्धि की कामना की जाती है। फूलयात्रा के दौरान लोग अपने रिश्तेदारों व दोस्तों को दावत पर भी बुलाते हैं।
चंबा के पांगी में फूल यात्रा के दौरान प्रस्तुति देती गायक कलाकार।स्त्रोत:जागरूक पाठक
चंबा के पांगी में फूल यात्रा के दौरान प्रस्तुति देती गायक कलाकार।स्त्रोत:जागरूक पाठक