चंबा। शहर में लावारिस कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पुराना बस स्टैंड, न्यू बस स्टैंड समेत गली-मोहल्लों और प्रमुख चौराहों पर कुत्तों के झुंड आम दृश्य बन गए हैं। बीते दो माह में करीब आधा दर्जन लोगों को ये कुत्ते काट चुके हैं। लोगों का कहना है कि नगर परिषद चंबा और जिला प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहे हैं। नतीजतन, अब शहर में अकेले चलना भी जोखिम भरा हो गया है। अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित हैं।
शहर के भूपेंद्र जसरोटिया, राकेश कुमार, रमेश कुमार, दलीप कुमार, संजीव कुमार और योगराज का कहना है कि कुत्तों के झुंड बेखौफ गलियों में घूमते रहते हैं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा लावारिस कुत्तों को आश्रय स्थल भेजने का फैसला सही दिशा में कदम है। यदि इसे अमल में लाया जाए तो लोगों को राहत मिलेगी और वे निडर होकर शहर में आवाजाही कर सकेंगे। उधर, नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैयर ने बताया कि लावारिस कुत्तों को पकड़ने के लिए डॉग कैचर बुलाए जाएंगे, जिससे शहरवासियों को राहत मिल सके।