चंबा। आकांक्षी जिला चंबा के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में टेली मेडिसिन सेवाएं चरमरा गई हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा की ओपीडी में टेली मेडिसिन की सेवाएं देने के लिए लगाई गई एलसीडी धूल फांक रही हैं।
पिछले छह महीनों में मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों ने किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में टेली मेडिसिन की सेवा नहीं दी है। ई संजीवनी पोर्टल के जरिये जब जिले के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में टेली मेडिसिन की सेवाएं शुरू की गई थीं। इससे दूरदराज के मरीजों को विशेषज्ञ से स्वास्थ्य जांच करवाने के लिए चंबा की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही थी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर मरीज ई संजीवनी पोर्टल के जरिये अपनी बीमारी के बारे में बताकर ऑनलाइन परामर्श लेते हैं। इसमें यदि विशेषज्ञ को लगता था कि मरीज को मेडिकल कॉलेज बुलाने की आवश्यकता है तो उसे बुला लिया जाता था। अन्यथा, पीएचसी में ही उसे जरूरी दवाई ऑनलाइन लिख दी जाती थी। इससे कहीं न कहीं दूरदराज के लोगों को चंबा की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही थी।
पिछले छह महीनों से चंबा मेडिकल कॉलेज में टेली मेडिसिन की सेवाएं बंद हैं। स्वास्थ्य विभाग भी यह सेवा दोबारा शुरू करवाने को गंभीर नहीं है। हालांकि, यह सेवा चलाने के लिए एनएचएम के तहत लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें ओपीडी में एलसीडी और इंटरनेट की व्यवस्था की गई थी। मौजूदा समय में ये सेवाएं पूरी तरह से चरमरा चुकी हैं। विभाग जिले के हर स्वास्थ्य केंद्र को ई संजीवनी पोर्टल से जोड़ने की बात कर रहा था। अब किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में यह सुविधा नहीं मिल पा रही है।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी चल रही है। जैसे ही डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, दोबारा ई संजीवनी पोर्टल के जरिये टेली मेडिसिन सेवाएं शुरू करवा दी जाएंगी।