चंबा उपायुक्त कार्यालय सभागार में बैठक की अध्यक्षता करती कांगड़ा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र की व्य
चंबा। निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए पार्टियों और प्रत्याशियों के व्यय पर कड़ी नजर रखें। इसके लिए निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी विभिन्न टीमों का आपसी समन्वय होना भी जरूरी है।
यह बात भारत निर्वाचन आयोग की ओर से लोकसभा चुनावों के दृष्टिगत कांगड़ा संसदीय में व्यय निगरानी के लिए नियुक्त व्यय पर्यवेक्षक प्रतिभा चौधरी ने सहायक व्यय पर्यवेक्षकों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने जिला मुख्यालय चंबा में स्थापित मीडिया प्रमाणन एवं मीडिया निगरानी समिति तथा एमसीसी समिति से संबंधित अधिकारियों को भी महत्त्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव में व्यय की सीमा चुनाव आयोग ने 95 लाख निर्धारित की है। इसी सीमा के अंदर प्रत्याशी को प्रचार में खर्च करना होगा। नामांकन के उपरांत प्रत्याशी की ओर से प्रचार में खर्च की गई धनराशि को उनके चुनावी व्यय में जोड़ा जाएगा। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल के अलावा अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राहुल चौहान सहित विभिन्न उपमंडलों के सहायक निर्वाचन अधिकारियों के अलावा कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिला चंबा के चुराह, चंबा, डलहौजी तथा भटियात विधानसभा क्षेत्रों के लिए लगाए गए सहायक व्यय पर्यवेक्षकों ने भाग लिया।
उन्होंने निर्देश दिए कि समस्त सहायक व्यय पर्यवेक्षक प्रतिदिन पार्टी और प्रत्याशी द्वारा किए गए व्यय की वीडियो सर्विलांस टीमों की ओर से उपलब्ध करवाए गए वीडियो को देखकर खर्च का आकलन करेंगे। इससे पूर्व जिला निर्वाचन अधिकारी व मुकेश रेपस्वाल ने व्यय पर्यवेक्षक को पीपीटी के माध्यम से जिला चंबा की भौगोलिक परिस्थितियों के अलावा मतदाताओं तथा मतदान केंद्रों की संख्या के अलावा जिला के लोकसभा चुनाव 2024 से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में अवगत करवाया। कहा कि जिला चंबा में लोकसभा निर्वाचन 2019 के दौरान तथा विधानसभा निर्वाचन 2022 के दौरान क्रमशः 68.79 प्रतिशत तथा 73.90 प्रतिशत मतदान रहा है। जिले में कुल 631 मतदान केंद्र हैं, जिनमें से 374 मतदान केंद्र सड़क सुविधा से जुड़े हैं। 121 मतदान केंद्र सड़क से 1 किलोमीटर, 59 मतदान केंद्र सड़क से 2 किलोमीटर, 40 मतदान केंद्र सड़क से 3 किलोमीटर दूर और 37 मतदान केंद्र सड़क से 3 किलोमीटर से अधिक के पैदल रास्ते दूरी पर है। जिले के 611 मतदान केंद्र सामान्य तथा 20 मतदान केंद्र क्रिटिकल श्रेणी के हैं। जिला मुख्यालय चंबा में स्थापित एमसीसी नियंत्रण कक्ष में 16 मार्च 2024 से 8 मई 2024 तक कुल 15 शिकायतें मिली हैं। सभी शिकायतों का निष्पादन किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक चंबा अभिषेक यादव ने बताया कि जिला चंबा की सीमावर्ती राज्य पंजाब तथा जम्मू कश्मीर के साथ लगती सभी सीमाओं पर सुरक्षा के सभी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।