चंबा। जिले में गेहूं की फसल को पीला रतुआ रोग से सुरक्षित रखने के लिए कृषि विभाग ने जिला स्तर की डायग्नोस्टिक टीम का गठन किया है। कृषि विभाग ने सभी कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जिले के सभी ब्लॉकों में जाकर किसानों के खेतों में गेहूं की फसल की गहन जांच करें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि फसल पीले रतुआ की चपेट में तो नहीं आ रही है।
इस विशेष टीम में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के अधिकारी, कृषि विभाग के तकनीकी विशेषज्ञ और संबंधित ब्लॉकों की टीमें शामिल की गई हैं। टीम किसानों के खेतों में जाकर फसल की स्थिति का निरीक्षण करेगी और किसानों को मौके पर ही रोग की पहचान, रोकथाम और आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करवाएगी।
इस जांच का उद्देश्य है कि किसानों को घर-द्वार ही सही जानकारी और सलाह मिल सके, जिससे किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। उधर, कृषि के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल जिले में गेहूं की फसल में पीले रतुआ का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। विभाग पूरी तरह सतर्क है और किसानों से भी अपील की गई है कि यदि फसल में पीले धब्बे या असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत कृषि अधिकारियों को सूचित करें।