चंबा। जन्नत सा नजारा, खुले आसमान के नीचे रात और हाथ में गिटार लेकर मधुर धुनों के साथ मस्ती के लम्हे। जनजातीय क्षेत्र पांगी के सुराल भटोरी में इन दिनों कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है।
कोलकाता से आए एक दर्जन सैलानियों के दल के सदस्यों ने बर्फ से ढकी वादियों के बीच कुछ इसी तरह के पल बिताए। समुद्रतल से 1300 फीट की ऊंचाई पर स्थित पांगी के सुराल भटोरी में रात को कैंप फायर कर ये पर्यटक सुहावने मौसम का आनंद लेते नजर आए। अब यह दल वापस लौट गया है। इसमें शामिल सदस्यों का जाने का मन तो नहीं था, लेकिन अगले साल आने का वादा जरूर कर गए हैं।
देश भर में पड़ रही प्रचंड गर्मी से राहत पाने के लिए सैलानी पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। पांगी घाटी के सुराल भटोरी में भी सैलानियों के दल पहुंच रहे हैं। यहां रात को कैंप फायर कर सुहावने मौसम का आनंद ले रहे हैं। यह इलाका चारों ओर से बर्फ से लदे पहाड़ों से घिरा है। हरे-भरे मैदान के बीच सैलानी खूब आनंदित हो रहे हैं। तीन दिन तक कोलकाता से एक दर्जन सैलानियों के दल ने भी घाटी की वादियों में खूब मस्ती की।
दल के सदस्य रात को खुले आसमान के नीचे कैंप फायर कर हाथ में गिटार लेकर अपने लोकल गानों की धुन बजाकर सुहाने मौसम का आनंद लेते रहे। पालम छोल नामक स्थान पर पानी का झरना सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। इस झरने के नीचे बर्फ के ग्लेशियर को पार कर कोलकाता के सैलानी सुराल भटोरी तक पहुंचे हैं। पांगी के सुराल भटोरी में उन्हें सर्दी के मौसम जैसा अनुभव हो रहा है।
सुराल भटोरी में गाइड के रूप में बीर सिंह अपने परिवार के साथ पिछले कई सालों से कैंप लगाकर सैलानियों को सुविधा दे रहे हैं। सैलानियों को वह उन सभी जगह ले जाते हैं, जहां का नजारा पर्यटकों को मोहित करता है। उन्होंने कहा कि कोलकाता का दल मंगलवार को पहुंचा था। वीरवार को उन्होंने रवानगी की। दल के सदस्य जाना नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा कि दल के सदस्य अगले साल फिर आने का वादा कर गए हैं।