चुराह (चंबा)। चुराह उपमंडल के अधीन आने वाली आंगनबाड़ी केंद्रों में व्यवस्था सुचारु रखने समेत कार्य करवाना बाल विकास परियोजना के तीसा कार्यालय के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इस कार्यालय में सांख्यिकी सहायक और सीनियर असिस्टेंट ही कार्यरत हैं, जबकि चालक और चार सुपरवाइजरों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। इन पदों के खाली होने से फील्ड स्तर पर निगरानी, रिपोर्टिंग और योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग में कठिनाइयां सामने आ रही हैं।
परियोजना के अंतर्गत आने वाले 195 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण आहार, गर्भवती और धात्री महिलाओं की देखभाल, शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जाती हैं। इन योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना बाल विकास परियोजना कार्यालय की अहम जिम्मेदारी है।
स्थानीय निवासी राजीव कुमार, किशन चंद, अशोक कुमार, योगराज और प्रमोद कुमार का कहना है कि यदि रिक्त पदों को शीघ्र भर दिया जाए तो आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी व्यवस्था और योजनाओं की गुणवत्ता में और अधिक सुधार संभव है। इससे विभाग और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सके।
बाल विकास परियोजना अधिकारी वीना देवी ने बताया कि कार्यालय सीमित स्टाफ के बावजूद योजनाओं के सुचारु संचालन के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि जिससे लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।