लोगों के घरों और दुकानों में घुसा घटोला नाला में टनों के हिसाब से आया मलबा
आस-पड़ोस के लोग और रिश्तेदार हाथ में बेलचा लेकर पहुंचे हैं मलबा हटाने
बारिश थम गई है लेकिन सुल्तानपुर में तबाही अब भी सांस ले रही है। घटोला नाले के उफान से घरों में घुसी गाद और मलबे के बीच प्रभावित परिवार घुटनों तक कीचड़ में उतरकर अपने ही हाथों से आशियाने संवारने में जुटे हैं। कहीं बेलचे और तसले राहत का सहारा बने हैं तो कहीं अगली बारिश का डर लोगों की नींद छीन रहा है। प्रशासन की मशीनें कुछ जगह तक पहुंची हैं। अधिकांश परिवार अपने दम पर ही हालात से लड़ रहे हैं।
सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। आसमान से बरसी आफत के जख्मों पर 48 घंटे बाद भी मरहम नहीं लग पाया है। घटोला नाला टनों के हिसाब से मलबा, पत्थरों के सैलाब से लबालब भरा है। कॉलेज मार्ग पर पुली भी मलबे से भर चुकी है। प्रभावित परिवारों को मलाल है कि प्रशासन कई घरों तक पहुंचा और समस्या हल करने का आश्वासन तो दिया लेकिन स्थिति अब भी विकट है।
सुल्तानपुर-खज्जियार मार्ग पर बारिश के साथ बह कर आए कीचड़ से छह दुकानों और मकानों में मलबा भरा है। पानी की निकासी लाइन के जरिये कीचड़ युक्त पानी लेंटर, शौचालय तक पहुंच गया है। आस-पड़ोस के लोग और रिश्तेदार मलबा हटाने में मदद करने पहुंचे हैं। प्रभावित परिवार को मलाल है कि प्रशासन और नेता आश्वासन देने ही पहुंचे। सड़क के किनारे कंकरीट की दीवार लगाने की मांग कई बार की। इसे पूरा नहीं किया गया। छह दुकानों में कीचड़ से छह बाइकें दब गई हैं। दुकानदार बेलचे, बाल्टी और तसले से कीचड़ निकाल रहे हैं। सुल्तानपुर में मेकेनिक की दुकान समेत करीब दो लाख का सामान खराब हो गया है।
रविवार मध्यरात्रि सड़क से पानी और कीचड़ का सैलाब घर की निचली मंजिल में भर गया। परिवार सहित दूसरी मंजिल में जाकर जान बचाई। 48 घंटे बाद भी प्रशासन से मदद नहीं मिली। - उषा देवी, सुल्तानपुर
सड़क के किनारे कंकरीट की दीवार लगा कर हर बारिश में होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। प्रशासन और नगर परिषद इसमें दिलचस्पी दिखाए। - विनोद कुमार, सुल्तानपुर
दुकान में मलबे और कीचड़ से पांच बाइकें खराब हो गई हैं। दुकान भी मलबे से लबालब भर चुकी है। मलबा खुद ही निकलना पड़ रहा है। - कमल ठाकुर, बाइक मेकेनिक
बाइकें रिपेयर करने और नई डिलीवरी के लिए लाई गई थी। इनमें चार बाइकें खराब होने पर अब धुलवाने के लिए भेजी हैं। बाकी यहां पर हालात खराब ही हैं। - काकू, बाइक मेकेनिक
रविवार रात को आसमान से बरसी आफत के बाद अब अपने स्तर पर ही तीन पिकअप मलबा निकाल कर सड़क के किनारे ढेर लगा चुका है। - संधू, दुकानदार
बाइकों के इंजन का काम करता हूं। दो लाख का सामान कीचड़ और दलदल से खराब हो गया है। - पंकू शर्मा, बाइक मेकेनिक
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चंबा में भारी बारिश के बाद सुल्तानपुर के पास दुकान के अंदर घुसे मलबे को हटाने में जुटा दुकानदार