पिछले साल कृषि विभाग ने दी थी 20 फीसदी सब्सिडी, इस बार खत्म की
जिले में 800 क्विंटल तक पहुंच चुकी है मांग, बीज आया 704 क्विंटल
रिंपी ठाकुर
चंबा। जिले में मक्की की बुआई के सीजन में इस बार किसानों को आर्थिक रूप से बड़ा झटका लगा है। पिछले वर्ष मक्की के बीज पर करीब 20 प्रतिशत तक सब्सिडी दी गई थी। इस बार विभाग ने यह अनुदान समाप्त कर दिया है। इससे किसानों की खेती की लागत में सीधा इजाफा हो गया है।
जानकारी के अनुसार जिले में अभी तक मक्की बीज की कुल मांग लगभग 800 क्विंटल तक पहुंची है जबकि कृषि विभाग के पास 704 क्विंटल बीज पहुंचा है। विभाग की ओर से केवल 505 क्विंटल बीज ही उपलब्ध करवाया गया है। मांग के मुकाबले कम आपूर्ति होने से कई क्षेत्रों में बीज की उपलब्धता को लेकर असंतुलन की स्थिति बन गई है। उपलब्ध बीज का वितरण उपमंडल स्तर पर किया जा रहा है जिसमें सिंगल क्रॉस और डबल क्रॉस दोनों प्रकार के बीज शामिल हैं। इनमें सिंगल क्रॉस बीज की आपूर्ति अधिक है जबकि डबल क्रॉस बीज सीमित मात्रा में लगभग 132 और 105 क्विंटल के अनुपात में उपलब्ध करवाया गया है। बीज को 4 और 5 किलो के पैकेट में किसानों तक पहुंचाया जा रहा है। कीमतों की बात करें तो सिंगल क्रॉस बीज करीब 660 रुपये प्रति पैकेट और डबल क्रॉस बीज करीब 525 रुपये प्रति पैकेट की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है।
बता दें कि जिले में एक लाख से अधिक किसान मक्की की खेती पर निर्भर हैं। जिले में करीब 26 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मक्की की बिजाई होती है। ऐसे में सब्सिडी समाप्त होने और सीमित आपूर्ति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अन्य फसलों से अधिक किसान मक्की की ज्यादा बिजाई करते हैं। वहीं, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह का कहना है कि अभी 800 क्विंटल डिमांड आई है। 704 क्विंटल की खेप पहुंची है जिसमें 505 क्विंटल मक्की का बीज वितरित कर दिया है। इस पर सरकार ने सब्सिडी की सुविधा नहीं दी है। उन्होंने कहा कि अभी और डिमांड भेजी जाएगी। जैसे ही उपमंडल से मांग आएगी ताकि किसानों को समय से पहले बीच मिल जाए। संवाद