होली (चंबा)। उप तहसील होली के अंदला गांव के बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए दस किलोमीटर का ऊबड़-खाबड़ रास्ता तय करना पड़ रहा है। वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल होली तक पहुंचने के लिए बच्चों को सुबह सात बजे घरों से निकलना पड़ता है। वहीं स्कूल से छुट्टी के बाद बच्चे सात बजे ही घर पहुंचते हैं।
कुल मिला कर सड़क का अभाव बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने की राह में रोड़ा बना हुआ है। ग्रामीणों की मानें तो वर्ष 2012 में वन मंत्री रहे ठाकुर सिंह भरमौरी ने गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की हामी भरते हुए सड़क का शिलान्यास भी किया था। बावजूद इसके आज तक सड़क सुविधा लोगों को नसीब नहीं हो पाई है। वहीं करीब 12 वर्ष पहले जलविद्युत परियोजना प्रबंधन की ओर से गांव के लिए सड़क का कार्य आरंभ करते हुए महज एक किलोमीटर सड़क का निर्माण करवाया गया जो वर्तमान में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
ग्रामीणों अशोक कुमार, दिनेश कुमार, विपिन कुमार, विशाल कुमार, नीलम कुमारी, उषा देवी आदि ने बताया कि सड़क के अभाव में गांव में विकास की धारा प्रवाहित नहीं हो पाई है। ग्रामीणों को मेहनत-मजदूरी करने के लिए दस किलोमीटर का सफर तय कर होली उपमंडल पहुंचना पड़ता है।
कहा कि ग्रामीणों की हालत उस समय पलती हो जाती है जब गांव में अचानक कोई बीमार पड़ जाता है। बीमार व्यक्ति को पालकी में बैठाकर या पीठ पर लाद कर ही स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना पड़ता है। ऐसे में कई बार मरीज अस्पताल तक पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क सुविधा का अंदला गांव के सड़क से जुड़ने से 800 की आबादी लाभान्वित होगी। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राज कुमार ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। कहा कि गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए जल्द प्रयास किए ाएंगे।