राजकीय उच्च पाठशाला ढलोग में भूकंप संबंधी मॉक ड्रिल करते विद्यार्थी। स्कूल प्रबंधन
राजकीय उच्च पाठशाला ढलोग में हुई मॉक ड्रिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। राजकीय उच्च पाठशाला ढलोग में मंगलवार को भूकंप जैसी आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य अध्यापिका रीना भट्ट ने की। मॉक ड्रिल में विद्यालय के करीब 100 छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर भूकंप के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों और सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
मॉक ड्रिल के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि भूकंप के झटके महसूस होते ही घबराने के बजाय शांत रहें और तुरंत ड्रॉप, कवर एंड होल्ड (झुकें, किसी मजबूत मेज या डेस्क के नीचे शरण लें और उसे मजबूती से पकड़ें) की तकनीक अपनाएं। जब तक झटके पूरी तरह बंद न हो जाएं, तब तक सुरक्षित स्थान पर ही बने रहें। छात्र-छात्राओं को यह भी बताया गया कि यदि भवन के भीतर हों तो खिड़कियों, शीशों, भारी अलमारियों और बिजली के उपकरणों से दूर रहें। लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें। झटके थमने के बाद व्यवस्थित ढंग से खुले और सुरक्षित स्थान पर पहुंचें। खुले क्षेत्र में पहुंचने के बाद इमारतों, बिजली के खंभों, पेड़ों और दीवारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों को आपदा के समय अफवाहों पर ध्यान न देने, एक-दूसरे की सहायता करने और शिक्षकों और बचाव दल के निर्देशों का पालन करने के लिए भी जागरूक किया। मुख्य अध्यापिका ने कहा कि ऐसे अभ्यास का उद्देश्य विद्यार्थियों में आपदा के समय सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना और किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से स्वयं तथा दूसरों की रक्षा करना है। मॉक ड्रिल के अंत में विद्यार्थियों से सुरक्षा संबंधी उपायों की पुनरावृत्ति कराई गई और भविष्य में भी समय-समय पर इस प्रकार के अभ्यास आयोजित करने पर बल दिया गया।