चंबा। राजकीय उच्च विद्यालय सेली के विद्यार्थी खुले आसमान तले पढ़ाई करने के लिए विवश हैं। स्कूल को अपना भवन आज तक नसीब नहीं हो पाया है। कहने को तो स्कूल के लिए तीन कमरे किराये पर लिए गए हैं लेकिन इन तीन कमरों में से एक कमरे में स्टाफ रूम है, दूसरे में मिड-डे मील बनता है। तीसरे कमरे में ही तीन कक्षाओं के 34 विद्यार्थियों की कक्षाएं बैठती हैं। कमरे के लिहाज से बच्चों की संख्या अधिक होने पर मजबूरन कक्षाएं खुले आसमान के नीचे लगानी पड़ रही हैं।
इससे विद्यार्थियों समेत अध्यापकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सहित अभिभावकों रेणु कुमारी, विनोद कुमार, राकेश कुमार, सुनील कुमार, राजीव सिंह और धर्मेंद्र कुमार आदि का कहना है कि पांच सालों से स्कूल भवन के निर्माण का कार्य चल रहा है लेकिन अभी तक भवन बनकर तैयार नहीं हुआ है। कार्य कभी शुरू होता है तो कभी आधे में फिर से बंद कर दिया जाता है। ऐसा पिछले पांच सालों से चलता आ रहा है। ऐसे में एक बार फिर से ठेकेदार ने बजट का अभाव होने का रोना रोते हुए कार्य को बंद कर दिया है। कहा कि राजकीय उच्च विद्यालय सेली को खुले 25 वर्ष बीत चुके हैं। बावजूद इसके अभी तक स्कूल को अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है। कहा कि बारिश के दिनों में विद्यार्थियों की दिक्कतें काफी बढ़ जाती हैं। एसएमसी प्रबंधन की ओर से कई बार शिक्षा विभाग को अवगत करवाया गया लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई हैं। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से विद्यालय का कार्य आरंभ करवाने और इसे स्कूल प्रबंधन को सौंपे जाने की मांग की है। स्कूल मुख्याध्यापक घनश्याम का कहना है कि एक कमरे में विद्यार्थियों की ज्यादा संख्या को पढ़ाना काफी मुश्किल है। स्कूल भवन का कार्य भी अधर में लटका पड़ा है। उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क का कहना है कि सामग्री खत्म होने के कारण भवन निर्माण कार्य रुका है। जल्द कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।