एंबुलेंस 108 व 102 की हड़ताल का चंबा में व्यापक असर देखने को मिला है। रविवार को दस बजे के बाद क्षेत्रीय अस्पताल समेत जिला के दूसरे अस्पतालों में एक भी एंबुलेंस नहीं चली। अस्पताल के बाहर से चालक गाड़ियों को दूसरी जगह ले गए।
मजबूरी में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। हालांकि एंबुलेंस संचालक कंपनी ने हड़ताल से किसी तरह का असर न पड़ने की बात कही थी। लेकिन उनकी यह बात सही साबित नहीं हुई। निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचे मरीजों व उनके परिजनों ने हड़ताल पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि 108 लोगों की जरूरत बन गई है और ऐसे में एक दम सेवा ठप करने से कई लोगों की जिंदगी मुश्किल में पड़ सकती थी। हालांकि गनीमत यह रही कि हड़ताल के दौरान किसी भी गंभीर मरीज की मौत नहीं हुई है।
चंबा अस्पताल में रविवार को करीब पांच मरीजों को निजी वाहनों की मदद आपात स्थिति में क्षेत्रीय अस्पताल लाया गया। जिनमें से एक ही हालत काफी गंभीर थी। सलूणी के मोड़ा गांव की रेखा देवी (21) पुत्री चमारू राम ने गलती से जहरीला पदार्थ निगल लिया था। जिसके बाद उसकी तबीयत अचानक खराब होने लगी। हड़ताल की वजह से परिजन उसे निजी वाहन की मदद से चंबा अस्पताल तक लाए। यहां चिकित्सकों ने उपचार के बाद युवती को दाखिल कर लिया। युवती के पिता चमारू राम समेत अन्य रिश्तेदारों ने बताया कि यदि थोड़ी देर और होती तो उसकी जान जा सकती थी। ऐसे ही हालात अन्य मामलों में भी देखने को मिले हैं।
मांगें पूरी न होने तक जारी रहेगी हड़ताल : यूनियन
उधर, वर्कर यूनियन के अध्यक्ष पूर्ण चंद ने कर्मचारियों की मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की बात कही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों से अतिरिक्त काम लिया जा रहा है, उनकी भविष्य निधि का कोई पता नहीं और सरकार भी कंपनी पर लगाम कसने के लिए कदम नहीं उठा रही है।
कंपनी कर रही कर्मचारियों को मनाने का प्रयास : सचिन
एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी के चंबा प्रभारी सचिन पटियाल का कहना है कि कर्मचारियों को मनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि यूनियन समेत बाहर के सभी लोगों से बात की गई है। मरीजों को परेशानी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।