चंबा। निरंकारी सत्संग भवन मुगला में महात्मा कैलाश की अध्यक्षता में सत्संग का आयोजन किया गया।
महात्मा कैलाश ने कहा कि निरंकार सर्वत्र फैली सत्ता है। इसका न आदि है न अंत। इसकी कोई आयु सीमा भी नहीं। सह सृष्टि के पदार्थों की तरह भी नहीं है। पेड़ों एवं पहाड़ों की आयु की गणना तो की जा सकती है, पर निरंकार, प्रभु, परमात्मा की आयु की गणना संभव नहीं। यह जन्म-मृत्यु से परे हैं। ऐसे निरंकार प्रभु परमात्मा की जानकारी मानव जीवन का मुख्य उदेश्य होता है। अपेक्षा मात्र मन और शरीर की होती है। जब पूर्ण गुरु की कृपा से ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति होती है तो पता चलता है कि यह संसार भावना मात्र है। कर्म, मोह, स्वप्न, एवं जड़ता सब समाप्त होने पर मनुष्य पूर्ण चैतन्य अवस्था में नित्य स्थिर रहता है। इस दौरान दूरदराज क्षेत्रों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। साहो, जडेरा, राख, मैहला, मंगला, घरवाला गावों से आए श्रद्धालुओं ने सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज की शिक्षाओं को अपने भजनों और विचारों से व्यक्त किया। संवाद
हरिराय मंदिर में भजन-कीर्तन
चंबा। जिला मुख्यालय स्थित हरिराय मंदिर में शहर की महिलाओं ने भजन-कीर्तन का आयोजन किया। महिलाएं दोपहर 12:00 बजे मंदिर में एकत्रित हो गईं। पूजा-अर्चना के बाद दोपहर 1 बजे तक महिलाएं भजन-कीर्तन करती रहीं। हर रविवार को महिलाएं मंदिर में भजन-कीर्तन करने के लिए पहुंचती हैं। महिलाओं के भजन से आस-पास का माहौल भक्तिमय हो गया। संवाद