चंबा में करियां के साथ लगते जंगल मे लगी आग।संवाद
चंबा। फायर सीजन में जिले के जंगल आग से महफूज रहे, लेकिन सर्दियों के सीजन में आग से दहक रहे हैं। इससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
भरमौर, पांगी और चंबा के जंगलों में पिछले कुछ दिन में आग की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। रात के समय पूरा जंगल आग से दहकता हुआ दिखाई देता है। इससे जहां पेड़ पौधों को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं वन्य जीवों को भी इससे हानि हो रही है। वन विभाग जंगलों में आग लगाने वाले शरारती तत्वों का पता लगाने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है, लेकिन अभी तक विभाग को इसमें कामयाबी नहीं मिल पाई है। जंगल में बढ़ रहीं आग की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने अपने सभी कर्मचारियों को जंगल की सुरक्षा में मुस्तैद रहने के आदेश जारी कर दिए हैं।
फायर सीजन में जंगलों को आग से बचाने के लिए गश्त की जाती थी। स्थानीय लोगों से भी संपर्क किया जाता था। सर्दियों में भी जंगलों में गश्त बढ़ाने के लिए कहा गया है, जिससे जंगलों में आग लगाने वालों को पकड़ा जा सके। भरमौर के ददवां, कुंटनू, चंबा के भरमाणी, करियां, सामदार मंगला और पांगी के पुंटो जंगल में आग की घटनाएं पिछले कुछ दिन में बढ़ी हैं। इसके चलते वन विभाग सतर्क हो गया है। वन रक्षकों को जंगल आग से बचाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उधर, मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि जंगलों में बढ़ रहीं आग की घटनाओं को रोकने कर्मचारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। आग लगाने वाले शरारती तत्वों को पकड़ने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।