लाखों खर्च कर सेब पौधे लगाए, लेकिन खरीदार नहीं आए
खरीदारों की राह देख रहे चुराह क्षेत्र की 45 नर्सियों में तैयार किए गए सेब के पौधे
सनवाल पंचायत में लाखों की गड़बड़ी के बाद प्रशासन ने दिए उद्यान विभाग से पौधे खरीदने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
नकरोड़ (चंबा)। जिले में नर्सरियों में सेब पौधे लगाने वालों को लाखों का घाटा हो सकता है। इन लोगों ने पैसा खर्च कर नर्सरियां तो लगा ली हैं, लेकिन अब इनमें तैयार पौधे खरीदने के लिए कोई नहीं पहुंच रहा है। पहले पंचायत स्तर पर सीधे नर्सरियों से सेब के पौधों की खरीद की जाती थी, लेकिन अब जिला प्रशासन ने उद्यान विभाग से ही सभी पंचायतों को सेब के पौधे खरीदने के निर्देश जारी किए हैं। चुराह की 45 नर्सियों में तैयार सेब के पौधे पेड़ खरीदार को तरस रहे हैं। दरअसल, चुराह की सनवाल पंचायत में लाखों रुपये के सेब पौधों की खरीद में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने पंचायतों को उद्यान विभाग से ही पौधे खरीदने के निर्देश दिए थे।
उधर, नर्सरी में सेब पौधे लगाने वालों ने करीब एक वर्ष तक खूब मेहनत की है। जिस नर्सरी में एक लाख पौधे लगे हैं, उन पर एक साल में 20 से 30 लाख तक खर्च हो चुका है। पौधों की नियमित रखवाली, खाद, पानी से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में काफी खर्च हुआ है। ऐसे में पंचायतों में लगाने के लिए नर्सरी से सेब पौधे नहीं खरीदे जाएंगे तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। बगीचों में सेब के पौधे लगाने के लिए 15 से 20 दिनों का ही समय बचा है। उद्यान विभाग तीसा के अधिकारी देवी सिंह ने बताया कि विभाग के पास अभी तक पंचायतों की तरफ से 320 पौधों की मांग आई है। अब तक विभाग पंचायतों में 4500 पौधे बेच चुका है।