बारिश के बाद बंद पड़े वांगल-पंडोह मार्ग को खोलने में जुटी जेसीबी। संवाद
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चंबा/तीसा (चंबा)। जिले में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार को जगह-जगह भारी भूस्खलन के साथ मलबा और चट्टानें गिरने से 15 सड़कों पर यातायात ठप रहा। इसके चलते वाहन चालकों और राहगीरों को परेशान होना पड़ा। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची विभागीय मशीनरी और लेबर ने कड़ी मशक्कत के बाद 13 सड़कों को यातायात के लिए बहाल करवाकर लोगों को कुछ अदद राहत प्रदान की। जबकि हड़सर-भरमौर मार्ग और प्रंघाला के पास चंबा-सलूूणी मार्ग चार दिन बाद भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाए हैं। इससे लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
सोमवार सुबह 6:00 बजे भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन के कारण बघेईगढ़-चांजू मार्ग पर बघेईगढ़ के समीप सड़क के बीचोबीच भारी भरकम चट्टान आ गिरी। गनीमत रही कि चट्टान की जद में कोई वाहन नहीं आया अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। चट्टान गिरने से मार्ग पर आवाजाही बंद हो गई। इससेे चांजू से चंबा और भंजराडू़ से चांजू के लिए जाने वाली सरकारी और निजी बसें भी फंस गईं। सड़क के दोनों किनारों पर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बघेईगढ़ के समीप गिरी चट्टान देहरा और चांजू पंचायतों के लिए मुसीबत बन गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची मशीनरी ने सुबह 9: 00 बजे मार्ग बहाल किया। इसकी पुष्टि सहायक अभियंता शैलेश राणा ने की। चकोली-हिमगिरी मार्ग सियुल नाला के पास 7:00 घंटे यातायात के लिए बंद रहा। लोक निर्माण विभाग मंडल सलूणी के तहत बांगल-मंडोह, चौखा-खल्ला, कांड़ी-अथेड़, सुंड़ला-भजोतरा सहित अन्य मार्ग भूस्खलन से बंद रहे जिन्हें दोपहर बाद तक बहाल किया गया।
भारी बारिश के कारण लडेर निवासी खेमराज पुत्र पान चंद की सब्जी की दुकान भूस्खलन की जद में आने से क्षतिग्रस्त हो गई। प्रभावित को एक लाख के करीब नुकसान हुआ है।
कुठेड़ निवासी जमालदीन पुत्र लाला का तीन कमरों का मकान भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। इससे प्रभावित को लाखों का नुकसान हुआ। पटवारी संघर्ष पठानिया ने बताया कि नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसे जल्द विभाग को सौंपा जाएगा।
एडीएम अमित मेहरा ने बताया कि भारी बारिश के दौरान लोग अपने घरों से बेवजह बाहर न निकलें। कहा कि जिले में हुए नुकसान का आकलन तैयार किया जा रहा है।