पांगी में ताजा बर्फबारी के बाद मनमोहक नजारा। संवाद
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी एक बार फिर बर्फबारी के चलते जिला मुख्यालय चंबा से कट गया है। सोमवार को पांगी को चंबा से जोड़ने वाला सबसे नजदीकी किलाड़-चंबा सचे जोत मार्ग ताजा बर्फबारी के कारण आवाजाही के लिए बंद हो गया है। अब घाटी के लोगों को चंबा पहुंचने के लिए कुल्लू-मनाली होकर अटल टनल या जम्मू मार्ग से करीब 700 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ेगा।
सचे जोत दर्रे (14,482 फीट ऊंचाई) पर 15.24 सेंटीमीटर तक हिमपात दर्ज किया। बर्फ जमने से सड़क पर अत्यधिक फिसलन हो गई है, जिसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग को आधिकारिक रूप से बंद कर दिया है। पांगी घाटी के अन्य ऊंचाई वाले इलाकों जैसे कुमार भटौरी, सुराल, हिलूटवान, शुंण, हुडान और सुराल भटौरी समेत 19 पंचायतों में पांच सेंटीमीटर से अधिक बर्फबारी दर्ज की गई है। बर्फबारी के बाद समूची घाटी शीतलहर की चपेट में आ गई है और तापमान में भारी गिरावट आई है।
जहां सचे जोत के रास्ते चंबा की दूरी सिर्फ 170 किलोमीटर होती है, वहीं अब लोगों को चंबा पहुंचने के लिए कुल्लू, मनाली, अटल टनल, लाहौल होते हुए जाना पड़ेगा, जिससे यह दूरी 700 किलोमीटर से अधिक हो जाती है। यह रास्ता न सिर्फ लंबा, बल्कि खर्चीला और जोखिम भरा भी है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रवि शर्मा ने बताया कि बर्फबारी के कारण सचे जोत मार्ग पर फिसलन काफी बढ़ गई है, जिससे यातायात बेहद खतरनाक हो गया है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मार्ग को बंद किया है। यदि मौसम साफ रहता है और बर्फ पिघलती है तो 15 अक्तूबर से पहले मार्ग को बहाल करने के प्रयास किए जाएंगे, लेकिन यह पूरी तरह मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।