आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे एसएमसी शिक्षक
सरकार से स्थायी नीति की कर रहे मांग, पढ़ाई होगी प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। प्रदेश के दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में वर्ष 2012 से कार्यरत 2408 एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) अध्यापक 21 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। एसएमसी शिक्षक अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। राज्य कार्यकारिणी के इस फैसले के समर्थन में शिक्षा खंड पांगी के 96 अध्यापक भी शामिल हैं। अध्यापकों सुरेंद्र कुमार, केवल किशन, जीवन, सुरेश, ध्रुव, चुनी हुसैन, तेज सिंह और रूसली देवी का कहना है कि वे 13 साल से शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में कर्तव्यनिष्ठा से कार्य कर रहे हैं लेकिन, सरकार ने अब तक उनके लिए कोई स्थायी नीति नहीं बनाई है।
गौरतलब है कि पांगी घाटी के कई स्कूल पूरी तरह एसएमसी अध्यापकों पर ही निर्भर हैं। शिक्षकों की हड़ताल से इन स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो सकता है। जनजातीय क्षेत्र पांगी में एसएमसी अध्यापकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुमार, घिसल, निचला कुठल, हमीरकुंड, मिचम, चलासरी, हिलुटवान, खजियार, पुंटो, उडैनी, रेई, मौझी, अजोग और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हिलौर, सेचू, पुर्थी, धरवास, किलाड़, रेई में बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा। एसएमसी अध्यापकों ने स्पष्ट किया है कि यदि हड़ताल के दौरान शिक्षा संबंधी कोई समस्या आती है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। अध्यापक स्थायी नीति की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं।