डलहौजी (चंबा)। प्रदेश सरकार ने भले ही पर्यटकों की आवाजाही के लिए हिमाचल को खोल दिया हो, लेकिन विश्व भर में विख्यात पर्यटक स्थल डलहौजी आज भी पर्यटकों को तरस रहा है। डलहौजी में अभी तक किसी भी राज्य के पर्यटक ने दस्तक नहीं दी है। डलहौजी का पूरा कारोबार पर्यटन पर निर्भर है। पर्यटक न आने से सुभाष और गांधी चौक सुनसान पड़े हैं। पर्यटन सीजन में इन दोनों स्थानों पर पर्यटकों की भरमार रहती है, लेकिन कोरोना महामारी के चलते डलहौजी में पर्यटकों की कोई चहलकदमी नहीं हो रही है। हालांकि पर्यटक स्थल खज्जियार में जिले के लोगों की चहलकदमी बढ़ रही है। दूसरे जिलों से भी लोग घूमने के लिए खज्जियार पहुंच रहे हैं। लेकिन पर्यटक नगरी डलहौजी में अभी तक वीरानी छाई हुई है।
होटल व्यवसायी इसी आस में बैठे हैं कि शायद डलहौजी में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी और उनका कारोबार एक बार फिर से पटरी पर लौटेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। सरकार ने पर्यटकों को हिमाचल में दाखिल होने के लिए छूट दे दी है। होटलों को भी पर्यटकों की बुकिंग लेने की अनुमति प्रदान की गई है, लेकिन डलहौजी में अभी तक किसी भी होटल में पर्यटकों की बुकिंग नहीं हुई है। होटल व्यवसायियों सहित अन्य कारोबारियों का कहना है कि अब अगले सीजन में ही डलहौजी में पर्यटन देखने को मिलेंगे। होटल कारोबारियों में अमन महेंद्रू, कमलेश, विक्रम, दीपक, हरीश ने बताया कि कोरोना की मार से इस वर्ष होटल व्यवसाय पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। इस कारण व्यापार पूरी तरह से ठप हो गया।