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गौरीकुंड से धनछो तक लगी सभी दुकानें हटा देगा प्रशासन

Thu, 01 Sep 2016 10:23 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, (चंबा)
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मणिमहेश यात्रा प्रबंधों पर फजीहत झेल रहे भरमौर प्रशासन ने कड़े कदम उठाने का फैसला किया है। प्रशासन ने जिला मुख्यालय पहुंचकर यात्रा प्रबंधों पर टिप्पणी करने वालों को भी कड़ी फटकार लगाई है।
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साथ ही यह भी एलान कर दिया है कि किसी यात्री को प्रबंधों से शिकायत हो तो सेक्टर अधिकारी के पास ही इसे लिखित या मौखिक तौर पर दर्ज करवाएं। प्रशासन ने हड़सर से डल झील तक विभिन्न पड़ावों को सेक्टर में बांटा है और पड़ाव की निगरानी के लिए सेक्टर अधिकारी को तैनात किया है। यह बात वीरवार को भरमौर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एडीएम विनय धीमान ने कही। उन्होंने बताया कि एनआरआई महिला व भद्रवाह क्षेत्र के विधायक ने जो भी शिकायतें की हैं वे उन्हें भरमौर प्रशासन या सेक्टर अधिकारी से सीधे भी कर सकते थे। लेकिन इन दोनों ने लाइमलाइट में आने के लिए जिला मुख्यालय में पहुंचकर मीडिया के सामने अपनी भड़ास निकाली।

प्रशासन ने जांच में उनके किसी भी आरोप को सही नहीं पाया है। एडीएम विनय धीमान ने बताया कि धनछो से गौरीकुंड तक वन्य प्राणी क्षेत्र में अवैध तरीके से दुकानें लगाई गई हैं, उन्हें हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ निजी दुकानदारों ने दो से तीन दुकानें लगाकर उन्हें आगे बेच दिया है। उनकी जांच के बाद कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने सेक्टर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जो कुगति क्षेत्र से  लाहौल-स्पीति के श्रद्धालु आते हैं वे मेंढों को लेकर पहुंच रहे हैं। यदि इस तरह का कोई श्रद्धालु मेंढे को लेकर आता है तो उसे जब्त कर लिया जाए  ताकि किसी भी मेंढे की बलि न दी जा सके।
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अगले साल डल झील पर नहीं लगेंगी दुकानें
एडीएम विनय धीमान ने बताया कि अगले साल पवित्र डल झील के आसपास न तो दुकानें लगेंगी और न ही लंगर लगाया जाएगा। दुकानों की वजह से डल की पवित्रता समाप्त हो रही है। इन दुकानदारों के लिए दूसरी तरफ अलग से प्लॉट बनाए जाएंगे ताकि डल झील की पवित्रता और गरिमा बनी रहे।

जरूरत की दवाएं व ऑक्सीजन सिलेंडर के प्रबंध के निर्देश
एडीएम विनय धीमान ने खंड चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि शाही स्नान से पूर्व जरूरत की दवाएं सेक्टर में पहुंचाएं। साथ ही ऑक्सीजन के सिलेंडर भी पहुंचाए जाएं ताकि ऑसीजन या दवा की कमी से श्रद्धालुओं की मौत न हो। उन्होंने सेक्टर अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी श्रद्धालु दिक्कत में न आए। जिस सेक्टर के अधिकारी की लिखित शिकायत श्रद्धालु करते हैं तो सेक्टर अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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