राधाष्टमी का शाही स्नान संपन्न होते ही भेड़-बकरियों के झुंड लेकर पंजाब की ओर शुरू किया सफर
ऊंची धारों में गर्मियों का डेरा समेटने लगे चरवाहे, ठंड बढ़ने से पहले मैदानी क्षेत्रों में बिताएंगे सर्दियां
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। राधाष्टमी का शाही स्नान संपन्न होने के साथ ही जिले की ऊंची धारों में गर्मियों का डेरा डाले भेड़पालकों ने मैदानी क्षेत्रों की ओर लौटना शुरू कर दिया है।
भरमौर, होली, चुराह, सलूणी और सिल्लाघ्राट की ऊंची पहाड़ियों में कई माह बिताने के बाद अब भेड़-बकरियों के झुंड लेकर पंजाब की ओर कूच शुरू हो गया है।
इन दिनों जिले की ऊंची पहाड़ियों से उतरते भेड़पालकों के जत्थे जगह-जगह नजर आ रहे हैं। सड़कों और ग्रामीण रास्तों से गुजरते भेड़-बकरियों के बड़े झुंड लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। झुंडों के साथ आगे बढ़ते चरवाहों से ग्रामीण क्षेत्रों में भी रौनक बढ़ गई है।
भेड़पालक मोहन सिंह, योगराज और संजीव ने बताया कि गर्मियों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भेड़-बकरियों के लिए पर्याप्त चरागाह और हरा चारा उपलब्ध रहता है। इसी कारण वे गर्मियों में झुंडों के साथ ऊंची धारों का रुख करते हैं। अब मौसम बदलने के साथ पहाड़ों में ठंड बढ़ने लगी है, इसलिए सर्दी शुरू होने से पहले मैदानी क्षेत्रों की ओर लौटना जरूरी हो गया है।
उन्होंने बताया कि पहाड़ से मैदान तक का सफर कई दिनों में पूरा होता है। रास्ते में जगह-जगह पड़ाव डालकर झुंड को आराम दिया जाता है और फिर आगे बढ़ाया जाता है। मौसम अनुकूल रहा तो वे सर्दियों का अधिकांश समय पंजाब के मैदानी क्षेत्रों में ही बिताएंगे। इसके बाद मौसम गर्म होने पर दोबारा पहाड़ों की ओर रुख करेंगे।