मणिमहेश पवित्र स्नान नजदीक आते ही यात्रियों की तादाद बढ़ गई है। मंगलवार को चौरासी परिसर में संचूई के शिव चेले मणिमहेश यात्रा की इजाजत और आशीर्वाद देते रहे। यह क्रम बुधवार को दोपहर तक जारी रहेगा। इसके बाद संचूई के चेले मणिमहेश झील के लिए प्रस्थान कर जाएंगे।
यह सभी चेले आठ सितंबर को दोपहर बाद डल झील पर पहुंचकर उसे तोड़ देंगे और उसके आगामी चौबीस घंटे तक पवित्र राधाष्टमी स्नान शुरू होगा। प्रशासन ने स्नान की इस अवधि को मान्यता देते हुए डल झील पर दानपात्र स्थापित करने का प्रबंध किया है। इसके साथ ही सुरक्षा बल भी बढ़ा दिए गए हैं। मंगलवार को शिव के जयकारों के साथ कई टोलियां मणिमहेश की तरफ रवाना हुई हैं। इस समय हड़सर से डल झील के बीच 13 किलोमीटर में 25 से 30 हजार श्रद्धालुओं के होने की उम्मीद जताई जा रही है। ज्यादातर श्रद्धालु मणिमहेश पर्वत की तरफ बढ़ गए हैं और धीरे-धीरे पड़ाव पूरे करते हुए डल झील तक पहुंच रहे हैं।
आठ सितंबर से नौ सितंबर तक चलने वाले इस पवित्र स्नान के बाद मणिमहेश यात्रा संपन्न हो जाएगी। हालांकि प्रशासन ने 12 सितंबर तक यात्रा प्रबंध बनाए रखने का निर्णय लिया है। शाही स्नान के लिए सभी सेक्टर अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है व जरूरी दवाओं समेत सभी उपकरण भी मंगवा लिए गए हैं। यात्रा के अंतिम चरण में सबसे ज्यादा जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालु शामिल हैं।
प्रशासन ने झोंक दी पूरी ताकत : एडीएम
उधर, एडीएम भरमौर विनय धीमान ने बताया कि प्रशासन शाही स्नान के लिए बिल्कुल तैयार है। सभी बंदोबस्त पूरे कर लिए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल व चिकित्सा दल तैनात हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा में प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है।