चंबा कॉलेज में एसएफआई इकाई ने शहीदों को श्रद्धांजलि देकर शहीदी दिवस मनाया।
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चंबा कॉलेज में एसएफआई इकाई ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव को श्रद्धांजलि देकर शहीदी दिवस मनाया। कार्यक्रम का संचालन एसएफआई के जिलाध्यक्ष रोहित ठाकुर ने झंडा फहराकर किया। उसके बाद रोहित ठाकुर ने शहीद भगत सिंह की जीवनी पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि एबीवीपी शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि देने का नाटक कर रही है। राजस्थान में शहीद भगत सिंह केे पोस्टर फाड़े गए थे, उस समय एबीवीपी कार्यकर्ता भगत सिंह को शहीद मानने से इंकार करते थे। उन्होंने कहा कि पटना में एआईएसएफ के सम्मेलन में एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा भगत सिंह के पोस्टर जलाए गए थे। एबीवीपी शहीदी दिवस मनाने का मात्र ढोंग कर रही है जबकि एबीवीपी भगत सिंह को शहीद मानती ही नहीं है।
एसएफआई के जिला सचिव सुदेश राजपूत ने कहा कि प्रदेश सरकारों द्वारा आज दिन तक शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव को भारत रत्न नहीं दिया जा सका है। देश के लिए बलिदान देने वाले इन वीरों को भारत रत्न से नवाजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी प्रदेश की सरकारें इन शहीदों को आतंकवादी मानती हैं। उन्होंने मांग की है कि उन सभी वीर जवानों को भारत रत्न दिया जाना चाहिए जिन्होंने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई है। इस मौके पर संजू, मुकेश, तिलक, रोहित, अनिल राणा, तेजेंद्र नेगी, पवन, मनीषा, विनोद, अजय, चिंता और अजय उपस्थित रहे।
एबीवीपी के प्रदेश सह सचिव अश्वनी ठाकुर ने एसएफआई के आरोपों को नकारते हुए बताया कि एबीवीपी सन् 1949 से शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव का शहीदी दिवस मना रही है। एबीवीपी को इसके लिए देश द्रोहियों से प्रमाण लेने की आवश्यकता नहीं है।