फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chamba News: चंबा मेडिकल कॉलेज से सात सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर रिलीव, कई विभाग हुए खाली

Fri, 28 Mar 2025 05:02 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
विज्ञापन
विज्ञापन
खास खबर
विज्ञापन

ईएनटी विभाग में बचा इकलौता विशेषज्ञ, मरीजों का इलाज करने में होगी परेशानी
हड्डी रोग सहित त्वचा और नेत्र रोग विभाग से भी सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर रिलीव
नाहन की तर्ज पर नए एसआर मिलने पर ही पुराने एसआर को दूसरी जगह भेजना चाहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। प्रदेश के आकांक्षी जिला के मेडिकल कॉलेज से हाल ही में सात सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के जाने से कई विभागों में चिकित्सकों की कमी हो गई है । कई सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर यहां आगे भी सेवाएं देने के इच्छुक थे। लेकिन सरकार और उनके नुमाइंदों की दिलचस्पी नहीं होने के कारण उनकी सेवाओं को विस्तार नहीं मिल सका। इसके चलते अब चंबा मेडिकल कॉलेज का ईएनटी विभाग एक विशेषज्ञ के कंधों पर आ गया है।
हड्डी, त्वचा और नेत्र रोग विभाग से भी सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर जाने से डॉक्टरों की भारी कमी हो गई है। आमतौर यह होता है कि तीन साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर यहां से दूसरी जगह चले जाते हैं, लेकिन उनके स्थान पर दूसरे डॉक्टर सीनियर रेजिडेंटशिप पूरी करने के लिए वहां तैनात किए जाते हैं। ताकि डॉक्टरों की कमी महसूस न हो।
विज्ञापन

चंबा मेडिकल कॉलेज में न तो नए सीनियर रेजिडेंट आए और न ही नए चिकित्सकों की तैनाती हुई। बावजूद इसके सरकार और प्रबंधन ने सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को चंबा से रिलीव कर दिया। नाहन मेडिकल कॉलेज में भी कई सीनियर रेजिडेंट का कार्यकाल पूरा हुआ है। लेकिन वहां पर नई भर्ती नहीं होने के कारण पुराने सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को रिलीव नहीं किया गया है, लेकिन यह व्यवस्था चंबा में नहीं अपनाई गई। जबकि डॉक्टरों की सबसे ज्यादा कमी चंबा मेडिकल कॉलेज में चल रही है। सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर जाने से ओपीडी से लेकर वार्ड की सेवाएं प्रभावित होंगी।
इनसेट
ऑर्डर के बाद भी चिकित्सकों ने नहीं किया चंबा में ज्वाइन
चंबा मेडिकल कॉलेज में कुछ माह पहले सरकार ने 25 डॉक्टरों की तैनाती के ऑर्डर निकाले थे। लेकिन इसमें किसी भी डॉक्टर ने चंबा में ज्वाइन नहीं किया। ऐसे में डॉक्टरों की संख्या बढ़ने के बजाय और कम है।
विज्ञापन

कोट
तीन साल की एसआर शिप करने के बाद डॉक्टर नियमानुसार यहां से गए हैं। उनके स्थान पर सरकार जल्द ही नए एसआर को भेज सकती है। -डॉ. मानिक सहगल,मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें