चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में चिकित्सकों की कमी के कारण जहां जिला वासियों में रोष है। वहीं, काम का बोझ बढ़ने के कारण चंबा मेडिकल कॉलेज से नियमित विशेषज्ञ भी नौकरी छोड़ कर जा रहे हैं।
चंबा मेडिकल कॉलेज से अब तक दो रेगुलर विशेषज्ञ नौकरी छोड़ चुके हैं। इनमें एक विशेषज्ञ गायनी तो दूसरा ऑर्थो विभाग से संबंधित है।
मेडिकल कॉलेज में नियमित फैकल्टी नाममात्र की है, लेकिन सरकार की अनदेखी की वजह से अब चंबा मेडिकल कॉलेज से नियमित फैकल्टी भी जाने लगी है। जो कि चंबावासि
यों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। दो-तीन महीनों में सरकार ने चंबा मेडिकल कॉलेज से आधा दर्जन चिकित्सकों के तबादले दूसरी जगहों पर किए हैं, लेकिन उनके स्थान पर नए चिकित्सकों की तैनाती करना जरूरी नहीं समझा। सरकार ने चंबा मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग से तीन, गायनी, सर्जरी, ऑर्थो और पैथोलॉजी से एक-एक चिकित्सकों के तबादले किए हैं। यही कारण है कि चंबा मेडिकल कॉलेज के जरूरी विभाग डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन दर्जनों बार सरकार को पत्र भेज चुका है। उन पत्रों पर गौर फरमाने की बजाय सरकार ने चंबा मेडिकल कॉलेज में तैनात चिकित्सकों का दूसरी जगह तबादला करने के जनविरोधी फैसले लिए हैं। सरकार के इस फैसले को लेकर चंबावासियों में भारी रोष है। क्योंकि चंबा जिले की पौने छह लाख की आबादी अपनी गंभीर बीमारी का उपचार करवाने के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज पर निर्भर है। चंबा मेडिकल कॉलेज के गायनी विभाग में तीन विशेषज्ञ अपनी सेवाएं दे रहे थे। एक विशेषज्ञ नौकरी छोड़ चुका है, एक छुट्टी पर हैं। बचे हुए एक विशेषज्ञ को इमरजेंसी वार्ड और ओपीडी को देखना पड़ रहा है। हैरानी इस बात की है कि चंबा मेडिकल कॉलेज से चिकित्सकों के किए जा रहे तबादलों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेता मौन धारण किए हैं। ऐसा लगता है कि उन्हें चंबा मेडिकल कॉलेज से तबादले किए जा रहे चिकित्सकों से कोई लेना देना नहीं है।
मेडिकल कॉलेज में 100 से ज्यादा चिकित्सकों के पद खाली
प्रदेश सरकार ने 21 दिसंबर को ढाई सौ चिकित्सकों की तैनाती प्रदेश के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में की है, लेकिन चंबा मेडिकल कॉलेज में एक भी चिकित्सक को तैनात नहीं किया गया है। चंबा मेडिकल कॉलेज में सौ से अधिक चिकित्सकों की कमी चल रही है। ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय में चंबा मेडिकल कॉलेज में एक भी चिकित्सक नहीं बचेगा।
सरकार को दे दी है जानकारी
कार्यकारी प्राचार्य डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि चंबा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की कमी चल रही है। इस संबंध में सरकार को अवगत करवा दिया गया है। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की तैनाती करना अब सरकार पर निर्भर है।