निर्धारित समयावधि पूरी कर चुकीं बसों की नीलामी की तैयारी, पहले से कम हैं डीजल बसें
जिले के ग्रामीण रूटों पर बढ़ सकती है परेशानी, यातायात व्यवस्था पर बढ़ सकता है दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम के चंबा डिपो में बसों की कमी की समस्या और गंभीर हो सकती है। निर्धारित समयावधि पूरी कर चुकी सात बसों को जल्द ही बेड़े से बाहर कर नीलामी में शामिल करने की तैयारी है।
इससे पहले से ही डीजल बसों की कमी से जूझ रहे डिपो की परिवहन व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है। इसका असर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बस सेवाओं पर भी पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार चंबा डिपो में वर्तमान में करीब 130 बसें हैं। इनमें से सात बसें निर्धारित समयावधि पूरी कर चुकी हैं। ऐसे में इन्हें नीलाम करने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। सात बसों के हटने के बाद डिपो के बेड़े में बसों की संख्या घटकर करीब 123 रह जाएगी। हालांकि, यह संख्या अन्य बसों की उपलब्धता और संचालन की स्थिति पर भी निर्भर करेगी।
चंबा जिले के कई ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही के लिए एचआरटीसी की बसें ही प्रमुख सार्वजनिक परिवहन साधन हैं। ऐसे में बसों की संख्या कम होने से रूटों का संचालन, समयसारिणी बनाए रखना और यात्रियों को नियमित सेवा उपलब्ध करवाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। पहले से डीजल बसों की कमी के बीच सात बसों के और हटने से निगम की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। यात्रियों को राहत देने के लिए डिपो में वैकल्पिक बसों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होगी। यदि समय रहते नई बसें नहीं मिलती हैं तो ग्रामीण रूटों पर परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उधर, एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि करीब सात बसें निर्धारित समयावधि पूरी कर चुकी हैं। जल्द ही इनकी नीलामी हो सकती है।